तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मौत के बाद गांव तिलमास में मातम का माहौल है। इस घटना के बाद तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। अंश, आयुष और प्रवेंद्र की असमय मौत ने उनके परिवारों को जीवन भर का दर्द दिया है। एक साथ तीन घरों के चिराग बुझने से पूरे गांव के लोग सदमे में हैं। यह तालाब गांव से करीब एक किमी दूर सड़क किनारे है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगे हैं, न ही किसी प्रकार की घेराबंदी की गई है। बच्चे गर्मी में अक्सर यहां नहाने पहुंच जाते हैं। चर्चा ये भी रही कि तालाब से मिट्टी खोदने की वजह से वह कई जगह काफी गहरा हो गया है।
नायब तहसीलदार ने मौका मुआयना कर परिवारों को सांत्वना दी। परिवार ने पोस्टमाॅर्टम कराने से इन्कार किया तो पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिए। तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के जरिये शासन को भेजी जाएगी। परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ है।