भुता। थाना क्योलड़िया के एक गांव की किशोरी को ले जाने के आरोपी की आत्महत्या के मामले में आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है। पीड़ित परिवार ने युवक को पीटकर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अब उच्चाधिकारियों से क्योलड़िया इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग की है। इधर, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जिक्र करते हुए कहा कि युवक की पिटाई से चोट की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
थाना क्योलड़िया के एक गांव में चार माह पहले किशोरी को ले जाने के मामले में किशोरी के परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी के नंबर की सीडीआर निकलवाने पर सलमान का नाम सामने आया था, जिस पर पुलिस इंस्पेक्टर ने पूछताछ को बुलाकर उसको प्रताड़ित किया था। इससे भयभीत होकर 18 वर्षीय युवक ने बुधवार रात फंदा लगाकर जान दे दी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना की वजह से ही उनके बेटे की जान गई है, लेकिन पुलिस ने खेल करते हुए तहरीर को बदलवाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इससे परिजनों में आक्रोश है। संवाद
परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
मृतक सलमान के पिता अशफाक का कहना है कि उनका बेटा काम में हाथ बटाने लगा था। जयपुर जाकर काम करता था और घर का खर्च चलता था। बेटे की मृत्यु के बाद उनका परिवार टूट गया है। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। इधर, थाना प्रभारी भरत सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीटने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। जांच-पड़ताल जारी है।