नगर आयुक्त द्वारा अपने पद से अधिक अधिकार देकर नवाजे गए दो अधिकारियों में बृहस्पतिवार को अधिकाराें को लेकर नगर बिल्ली -बंदर जैसी लड़ाई हो गई है। कई जिम्मेदारी संभाल रहे पर्यावरण अभियंता यूके वर्मा और सहायक मुहर्रिर व पूर्व अतिक्रमण प्रभारी राम सिंह जाटव अतिक्रमण हटाने के आदेश को लेकर भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि मेयर के सामने भी दोनों अंपशब्दों पर उतर आए। हाथापाई की नौबत आते- आते बची। मेयर ने दोनों को शांत कराकर कमरे से बाहर भेज दिया। इनसे जवाब मांगा गया है।
दरअसल, कुछ समय पहले ही राम सिंह जाटव से अतिक्रमण प्रभारी का चार्ज लेकर पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार वर्मा को सौंपा गया है। वर्मा के पास पहले से ही निर्माण विभाग, डोर टू डोर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी का चार्ज है। ऐसे में वह किसी भी कार्य में रुचि नहीं दिखा पा रहे हैं। गुरुवार को मेयर की ओर से राम सिंह जाटव को बुलाकर शहर से होर्डिंग और झंडे हटवाने को कहा गया। रामसिंह जाटव ने मेयर को बताया कि यह चार्ज पर्यावरण अभियंता के पास है। मेयर के कहने पर राम सिंह पर्यावरण अभियंता को होर्डिंग हटवाने के लिए कहने गए थे। रामसिंह ने जैसे ही मेयर का आदेश सुनाया पर्यावरण अभियंता उखड़ गए। दोनों में बहस होने लगी। बात एक दूसरे के अधिकाराें पर टिप्पणी करने तक पहुंच गई। दोनों झगड़ा करते हुए मेयर डॉ. आईएस तोमर के कक्ष में पहुंचे। यहां भी तीखी झड़प हुई। मेयर काफी देर चुपचाप सुनते रहे।
बढ़ता जा रहा है झगड़ा
नगर आयुक्त के मुताबिक निगम में अधिकारियाें की कमी है, इसलिए पर्यावरण अभियंता को कई चार्ज दिए हैं, अगर उनके पास अधिकारी होते तो सभी को काम बांट देते। पर्यावरण अभियंता पर कई चार्ज हैं इसलिए वह किसी एक पर भी गंभीर होकर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। पर्यावरण अभियंता के चार्ज वाले कार्यों में गड़बड़ियां लगातार हो रही हैं। निर्माण और डोर टू डोर में भी आरोप लग रहे हैं। यहां तक निर्माण में तो एफआईआर दर्ज कराने के आदेश तक हो चुके हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद संभाला तो ड्राइवराें और सफाई कर्मियाें से भी भिड़ गए। इस मामले पर जब उत्तम कुमार वर्मा से बात करने के लिए फोन किया गया तो उन्हाेंने जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्हाेंने मेयर से कहा है कि वह इस मामले पर अपनी रिपोर्ट देंगे।
वर्जन--
पर्यावरण अभियंता चार दिन पहले पूर्व नाजिर से भी भिड़ गए थे। वह बेवजह मुझसे उलझे। हमने मेयर से कह दिया है कि यूके वर्मा स्वास्थ्य विभाग, विज्ञापन, उद्यान और अमृत योजना में करोड़ाें का गोलमाल कर चुके हैं। मेयर साहब इसकी जांच कराएं।
राम सिंह जाटव, सहायक मोहर्रिर
मैने रामसिंह जाटव से अयूब खां से अतिक्रमण हटाने को कहा था। उन्हाेंने बताया कि प्रभारी पर्यावरण अभियंता हैं। पर्यावरण अभियंता ने बताया कि प्रभारी वह हैं, लेकिन काम तो नीचे का स्टॉफ करेगा। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। मैंने दोनों से जवाब मांगा है।
डॉ. आईएस तोमर, मेयर