फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: पारंपरिक ढांचा खत्म, रुविवि में अब स्कूल प्रणाली और 17 नए कोर्स

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय शैक्षिक सत्र 2025-26 से अपने अकादमिक ढांचे के पुनर्गठन की तैयारी में है। राजभवन के आदेश पर रुविवि ने पारंपरिक विभागीय ढांचे को खत्म कर आधुनिक स्कूल प्रणाली को अपनाया है। इस बड़े बदलाव के साथ ही विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर मुहैया कराने वाले 17 नए पाठ्यक्रम भी शुरू कर रहा है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देगा। विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा देकर उन्हें वर्तमान प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए तैयार किया जाएगा। विभिन्न फैकल्टियों को अब विशेष स्कूल में बदला जा रहा है ताकि शिक्षा ज्यादा केंद्रित और विशिष्ट बन सके।
ये हुए बदलाव
स्कूल ऑफ लॉ : फैकल्टी ऑफ लीगल स्टडीज को अब स्कूल ऑफ लॉ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। यहां पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ ही विद्यार्थियों को एलएलएम इन बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉ, एलएलएम पार्ट टाइम और डिप्लोमा इन पेटेंट लॉ जैसे नए और प्रासंगिक पाठ्यक्रम भी मिलेंगे। इससे विद्यार्थियों को कॅरिअर के बेहतर विकल्प मिलेंगे।
विज्ञापन

स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज : फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस अब स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज बन गई है। इसमें प्लांट साइंस, एनिमल साइंस, माइक्रोबायोलॉजी और पर्यावरण विज्ञान जैसे प्रमुख विभागों को समाहित किया गया है। विद्यार्थियों के लिए डिपार्टमेंट ऑफ बायो इन्फॉर्मेटिक्स एंड कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी के तहत एमएससी बायो इन्फॉर्मेटिक्स कोर्स भी शुरू किया जा रहा है।

स्कूल ऑफ एजुकेशन : फैकल्टी ऑफ एजुकेशन एंड एलाइड साइंस में बीएड-एमएड जैसे स्थापित पाठ्यक्रम यथावत रहेंगे, लेकिन एडवांस पीजीडीसीए प्रोग्राम को हटा दिया गया है। मास मीडिया, एप्लाइड सोशल साइंस, एप्लाइड साइकोलॉजी, एप्लाइड फिलॉसफी और एप्लाइड इंग्लिश जैसे महत्वपूर्ण विभाग अब स्कूल ऑफ एजुकेशन के अंतर्गत आएंगे
स्कूल ऑफ एडवांस्ड सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज : फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड एडवांस सोशल साइंस को पुनर्गठित कर स्कूल ऑफ एडवांस सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज बनाया गया है। यहां डिपार्टमेंट ऑफ एप्लाइड एंड रीजनल इकोनॉमिक्स के जरिये हेल्थ इकोनॉमिक्स में चार वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम और फाइनेंशियल इकोनॉमिक्स में दो वर्षीय परास्नातक कोर्स शुरू किए जाएंगे।
सेंटर ऑफ हैप्पीनेस : छात्र-छात्राओं के समग्र कल्याण के लिए एक सेंटर ऑफ हैप्पीनेस की स्थापना की जाएगी और डाटा एनालिसिस व डाटा बैंक की भी शुरुआत होगी। डिपार्टमेंट ऑफ एडल्ट एंड कंटीन्यूइंग एजुकेशन ने भी समाज की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता विकास में दो नए डिप्लोमा कोर्स शामिल किए हैं। ये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें