बुखार से मरने वालाें का सिलसिला नहीं रुक रहा है। गुरुवार देर रात को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती ढाई साल की बच्ची की मौत बुखार से हो गई। बच्ची पिछले दो दिनों से भर्ती थी। वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी में आए दो मरीजाें की डेंगू रैपिड जांच कराई गई।
कैंट के रहने वाले प्रेमपाल की ढाई वर्षीय बेटी नंदिनी को पिछले कई दिनाें से बुखार था। उसे जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में दो दिन पहले भर्ती कराया गया। यहां फायदा नहीं हुआ। बच्ची की डेंगू जांच भी नहीं कराई गई। गुरुवार देर रात को उसने दम तोड़ दिया। बच्चा वार्ड में बुखार से दम तोड़ने वाले बच्चाें की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले एक माह में पांच बच्चाें से अधिक की मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में आए दो मरीजाें की शुक्रवार को डेंगू रैपिड जांच कराई गई। इसमें दोनों मरीजों की रिपोर्ट शाम को पॉजीटिव आई है। शनिवार को इनकी एलाइजा जांच होगी।
बिजली विभाग के दो अफसराें में भी संदिग्ध डेंगू
बिजली विभाग के दो अधिकारी संदिग्ध डेंगू की चपेट में आ गए हैं। पिछले पांच दिनों से वह कार्यालय नहीं आए। निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टराें ने संदिग्ध डेंगू की आशंका जताई है। अब इनकी एलाइजा जांच कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता और एसडीओ त्रिवेणी सहाय में संदिग्ध डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। इनके प्लेटलेट्स भी कम हैं। एसई मनोज पाठक ने बताया कि दोनों अधिकारियों को डेंगू संदिग्ध बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी दी जाएगी। इनकी एलाइजा जांच होनी है।