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सोमवार से खुलेंगे मंदिर नहीं बजेंगे घंटे-घड़ियाल

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कालीबाड़ी स्थित मां काली का मंदिर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मूर्ति छूना और प्रसाद चढ़ाना रहेगा प्रतिबंधित

बरेली। सोमवार से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खुल जाएंगे। मंदिर खुलने से पहले मंदिर समिति ने कई प्रतिबंध लागू किए हैं। मंदिर खुलने के बाद श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी का पालन करने के अलावा घंटा-घड़ियाल, थाली बजाना भी मना होगा। यहां तक कि मंदिर में मूर्तियां को हाथ लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। साहूकारा स्थित नौ देवी मंदिर में प्रबंधन ने पहले ही प्रसाद चढ़ाने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
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78 दिन बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के कपाट खुलने जा रहे हैं। इस कारण सोमवार से मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ सकती है। ऐसे में सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए नई गाइड लाइन जारी कर दी है, जिसका पालन मंदिर कमेटियों को हर हाल में कराना होगा। इसी के तहत मंदिर में प्रवेश करते समय श्रद्धालुओं को दो बार हाथों को सैनिटाइज करना होगा।
मंदिर गेट पर ही श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। कोरोना के लक्षण न मिलने पर ही प्रवेश दिया जाएगा। बिना फेस मास्क के श्रद्धालु मंदिर में नहीं घुस पाएंगे। इसके अलावा घंटे, बजाना, मूर्ति छूना और प्रसाद चढ़ाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यहां तक कि जूते चप्पल भी लोगों को अपने वाहन में ही रखने होंगे। मंदिर परिसर के बाहर लगी दुकानों पर सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।

खुद की सुरक्षा के लिए होगी सामाजिक दूरी

न्यू मॉडल रेलवे कॉलोनी की मोनिका भदौरिया का कहना है कि सामाजिक दूरी खुद के लिए है। आखिर ढाई महीने बाद मंदिर खुलेंगे, जो भी नियम बनाए गए हैं वह सभी के हित में हैं। हमें इनका ध्यान रखना होगा।

कपाट खुलने के फैसले से मिली खुशी

हर्ष एन्क्लेव की विमलेश सिंह ने सरकार के मंदिरों के कपाट खुलने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर खुलने के बाद पहले की तरह से ही रोजाना पूजा-अर्चना हो सकेगी।

मंदिर खोलने के लिए सरकार के जितने भी नियम है सभी को सख्ती से लागू कराएंगे। सभी गाइड लाइन श्रद्धालुओं के लिए ही है। हमें ध्यान रखना होगा। - संजीव औतार अग्रवाल, श्री त्रिवटीनाथ मंदिर

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