बरेली। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र निवासी छात्रा की आत्महत्या को लेकर सबकी जुबान पर एक ही बात है कि शर्मिंदगी ने उसकी जान ले ली। कैफे के बाहर जा रही छात्रा का वीडियो गलत संवाद के साथ वायरल न किया गया होता तो शायद वह जिंदा होती। इस मामले में कार्रवाई को लेकर राजनीति भी चरम पर रही। हालांकि, एसएसपी के हस्तक्षेप पर देर रात रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
बड़ा बाइपास पर इज्जतनगर थाने की सीमा में ब्लू डायमंड कैफे मूल रूप से एक रेस्टोरेंट है। यहां झोपड़ीनुमा कक्ष बने हैं, जहां लोग परिवार और दोस्तों के साथ पार्टी करने जाते हैं। यहां रुकने के लिए कमरों की व्यवस्था नहीं है। इतना जरूर है कि लोग संबंधित हट का गेट बंद कर सकते हैं। मंगलवार शाम जिस वक्त की ये घटना बताई जा रही है, वहां काफी चहलपहल थी। ऐसे में घटनाक्रम की सत्यता को लेकर जांच पुलिस को करनी है, पर कैफे से वायरल हुए कुछ वीडियो विचलित करने वाले हैं। इनमें संगठन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी कैफे के बाहरी हिस्से में तेजी से जाती छात्रा से पुलिस की तरह पूछताछ करते नजर आ रहे हैं।
मास्क लगाए छात्रा इनमें से कुछ सवालों के जवाब देकर पीछा छुड़ाना चाहती है पर वे उसके पीछे लग जाते हैं। छात्रा के साथ मौजूद एक लड़का भी तेज कदमों से बाहर जाकर बाइक स्टार्ट कर निकल जाता है। मंगलवार रात से ही भड़काऊ जानकारी लिखे ये वीडियो वायरल होने लगे थे। रात में ये वीडियो छात्रा तक पहुंचे और फिर उसने जान देने का फैसला कर दिया।
इन नेताओं पर हुई रिपोर्ट
हिंदू जागरण मंच (युवा) के जिलाध्यक्ष हिमांशु पटेल, बजरंग दल महानगर सह गोरक्षा प्रमुख निर्दोष राठौर व देवेंद्र पटेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। तीनों पर मौके पर वीडियो बनाने और फिर उसे वायरल करने का आरोप है।
नाबालिग छात्र का भी वीडियो वायरल
संगठन के नेताओं ने छात्रा के दोस्त को तो जाने दिया, लेकिन उसके बुलावे पर आए नाबालिग साथी को पकड़कर पूछताछ करते वक्त वीडियो बनाया। ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें छात्र जानकारी न होने की बात कहता दिख रहा है तो पदाधिकारी उसे डपटकर अपनी मंशा के मुताबिक बातें कहलवाते दिख रहे हैं। बताया जाता है कि दोनों लड़के छात्र हैं और ट्रांसपोर्ट नगर में मैकेनिक का काम भी सीखते हैं। परिजन उन्हें नाबालिग बता रहे हैं।
ब्लू डायमंड कैफे के मालिकों ने हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों पर रंगदारी मांगने और पीटने का आरोप लगाकर इज्ज्तनगर थाने में तहरीर दी है। कैफे मालिक निर्दोष कुमार और उमेश कुमार ने हिमांशु पटेल, निर्दोष राठौर, सचिन और मयंक पटेल सहित पांच लोगों पर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाया है कि ये लोग आए दिन कैफे के बाहर खड़े होकर पांच या 10 हजार रुपये की मांग करते थे। रुपये न देने पर वे ग्राहकों को परेशान करते थे। 21 जुलाई को आरोपियों ने घुसकर फिर 10 हजार रुपये मांगे। मना करने पर उन्होंने दो ग्राहकों को पकड़ लिया। बाहर ले जाकर अपने 10-15 अन्य साथियों के साथ मिलकर बुरी तरह पीटा। मारपीट के बाद वे ग्राहकों को अपने साथ लेकर चले गए। आरोपियों ने मालिकों को गालियां दीं और रेस्टोरेंट को बदनाम करने की धमकी दी।