चोरी की रकम बरामद होने और फर्जी आधार कार्ड से बढ़ेंगी मुश्किलें
बरेली। बेशक छात्रा ने खुद के अपहरण के आरोपी अपने प्रेमी बिलाल को अपहरण की धाराओं से बचा लिया हो लेकिन चोरी और धोखाधड़ी में उसे सलाखों से आजाद कराना उसके लिए आसान नहीं होगा। छात्रा कोर्ट में यदि बिलाल के पक्ष में भी बयान देती है तो भी फिलहाल बिलाल को जेल से रिहाई मिलने की उम्मीद कम ही है।
फरारी के बाद छात्रा से अपने पक्ष में वीडियो बयान जारी कराने से लेकर अस्पताल में उससे मेडिकल परीक्षण को इंकार कराने तक बिलाल ने कानूनी दांव पेंच का खूब इस्तेमाल किया। लेकिन बिलाल की रिहाई अब महज छात्रा के बयानों पर निर्भर नहीं रह गई। पुलिस ने बिलाल के पास से चोरी के तीन लाख 20 हजार रुपये की बरामदगी दिखाई है। इसके अलावा उसके पास से फर्जी आधार कार्ड भी मिला है। मेडिकल में अगर छात्रा नाबालिग निकलती है तो बिलाल के खिलाफ अपहरण की धारा 364 और बढ़ जाएगी। अगर छात्रा उसके पक्ष में भी बयान दे देती है तो भी बिलाल जेल से नहीं छूट पाएगा। चोरी के मामले में बरामदगी होने की वजह से उसे आसानी से जमानत मिलना मुश्किल है। कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मामला भी उस पर भारी पड़ेगा।
पुलिस को दिए बयान में बोली छात्रा- अपनी मर्जी से गई थी
बरेली। बरामदगी के बाद से छात्रा पुलिस व परिवार वालों की बात सुनने को तैयार नहीं है। बात - बात पर वह भड़क जाती है। शुक्रवार को जब परिजनों को इस बात का आभास हुआ था कि बेटी बरामद हो गई है तो उन्होंने कहा था कि महज एक घंटे के लिए छात्रा को उसकी मां या बहन से मिलवा दिया जाए। इसके बाद वह छात्रा को कहीं भी पेश करें। पुलिस ने शनिवार को छात्रा से पूछा कि वह अपने घर वालों से मिलना चाहेगी तब उसने साफ मना कर दिया। हाल यह था कि छात्रा मां-बाप, बहन किसी से भी मिलने को राजी नहीं थी। इसके बाद उसकी बुआ को भेजा गया, लेकिन उनसे भी मुलाकात नहीं हुई। इधर छात्रा के पिता ने कहा कि किसी भी पुलिस अधिकारी या थानेदार ने उन्हें छात्रा की बरामदगी के बारे में नहीं बताया। पता चलने पर वह खुद किला थाने गए थे। इसके बाद एसएसपी के यहां गए लेकिन वह भी नहीं मिले। इधर विवेचक दरोगा अजय शुक्ला ने छात्रा के बयान दर्ज कर पहला पर्चा काटा। इसके बाद उसने परिजनों के साथ जाने से मना कर दिया। पुलिस को दिए बयानों में छात्रा ने कहा कि वह अपनी मर्जी से बिलाल के साथ गई थी। पुलिस का कहना है कि छात्रा का मेडिकल होना जरूरी है।