कमिश्नर ने की अब तक की सबसे बड़ी रजिस्ट्री, संतोष गंगवार रात में ही पहुंचे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शिलान्यास की तैयारी देखने
बरेली। करीब 15 वर्षों से बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी के परिसर में राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआई) का सौ बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनना अब तय हो गया। रुहलेखंड में ये पहला सौ बेड का आधुनिक अस्पताल होगा। शनिवार दोपहर आईटीआर कंपनी प्रबंधन ने बंगला नंबर 11 की ईएसआई के नाम रजिस्ट्री भी कर दी।
सब रजिस्ट्रार द्वितीय के मुताबिक, यह अब तक की सबसे बड़ी रजिस्ट्री है। इससे पहले ईएसआई ने भुगतान और अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं। जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद आईटीआर की जमीन पर ईएसआई अस्पताल बनाने की सभी बाधाएं दूर हो गईं। केंद्रीय श्रम व रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार इसके लिए करीब दो वर्षों से प्रयास कर रहे थे। रजिस्ट्री होने के बाद देर शाम केंद्रीय मंत्री आईटीआर पहुंचे और शिलान्यास संबंधी तैयारियों का जायजा लिया।
अब तक इतनी बड़ी रजिस्ट्री नहीं हुई है। करीब 4.999 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। इससे स्टांप शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि कमिश्नर भी मौजूद रहे। - ब्रजेश कुमार, सब रजिस्ट्रार द्वितीय
62.43 करोड़ रुपये में बिकी जमीन
रजिस्ट्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि आईटीआर कंपनी ने 62.436 करोड़ रुपये में 18,920 वर्ग मीटर बेची है। इस पर 4,37,50200 रुपये के स्टांप और 62.43 लाख रुपया का शुल्क जमा हुआ है। यानी ईएसआई ने 4,99,93,200 रुपये रजिस्ट्री पर खर्च किए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी रजिस्ट्री बताई जा रही है। आईटीआर कंपनी के प्रबंध निदेशक/ कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने क्षेत्रीय निदेशक ईएसआई निरंजन कुमार के पक्ष में रजिस्ट्री कर दी है। इस मौके पर ईएसआई मुख्यालय से एक्सईएन अश्विनी कुमार समेत अन्य विभागीय अफसर मौजूद रहे। सूत्रों ने बताया कि इतनी बड़ी रजिस्ट्री होने से स्टांप शुल्क के लक्ष्य की प्राप्ति भी आसान हुई है।
छुट्टी के दिन खुला कार्यालय
शनिवार को अवकाश होने के बावजूद प्रशासन ने भारी भरकम रजिस्ट्री कराने के लिए कार्यालय खुलवाया। सुबह से ही रजिस्ट्री कार्यालय का स्टाफ सक्रिय हो गया। दोपहर करीब दो बजे कमिश्नर रणवीर प्रसाद रजिस्ट्री करने पहुंचे। कमिश्नर ही आईटीआर कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं। दो घंटे से ज्यादा समय रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगा। तब तक कमिश्नर मौजूद रहे और अभिलेखों पर हस्ताक्षर किए, अंगूठे भी लगाए। बताया जाता है कि यह भी पहली बार हुआ है जब कमिश्नर आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्री कराने पहुुंचे हों।
अस्पताल का शिलान्यास आज, केंद्रीय मंत्री ने लिया जायजा
आईटीआर स्थित बंगला नंबर 11 परिसर अब ईएसआई के नाम हो गया है। रविवार सुबह श्रम मंत्रालय भूमिपूजन और शिलान्यास कराएगा। इस मौके पर संबंधित अफसर भी मौजूद रहेंगे। रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होते ही केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार शनिवार शाम भाजपा नेता गुलशन आनंद और रमेश जैन आदि के साथ आईटीआर परिसर पहुंचे। उन्होंने वहां शिलान्यास संबंधी तैयारियों का जायजा लिया। शिलान्यास कार्यक्रम रविवार की सुबह 10:30 बजे से होगा।