राज्य पक्षी सारस के कुनबे में लगातार हो रही वृद्धि ने वन विभाग के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। ताजा गणना के आंकड़ों के अनुसार, बरेली में सारस की संख्या बढ़कर अब 380 हो गई है। वर्ष 2024 की गणना में यह संख्या 350 थी। डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि सारस की आबादी में यह बढ़ोतरी वन विभाग के निरंतर प्रयासों और क्षेत्र की आर्द्र भूमियों की बेहतर होती स्थिति का प्रमाण है।
डीएफओ ने बताया कि वयस्क सारस की ऊंचाई 156 से 180 सेंटीमीटर तक होती है। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नर और मादा देखने में बिल्कुल एक जैसे होते हैं। हालांकि, ये पक्षी साल भर प्रजनन करते हैं, लेकिन अगस्त और सितंबर इनके प्रजनन चक्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
डीएफओ ने बताया कि इनके कुनबे में वृद्धि किसानों के लिए भी बड़ी राहत है। सारस खेतों और दलदली इलाकों में रहकर फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक कीटों, टिड्डों और अन्य छोटे जीवों को आहार बनाते हैं। इस प्रकार, ये पक्षी एक प्राकृतिक कीटनाशक की भूमिका निभाते हैं। इससे किसानों को महंगे और हानिकारक रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।