बरेली। प्लॉट पर कब्जा करने के लिए हमलावरों ने जिस तरह से फायरिंग कर अराजकता का माहौल बनाया, उसे देखकर घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोग अभी तक दहशत में हैं। प्लॉट के पीछे विष्णुधाम कॉलोनी है, जहां लोगों ने कल अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए थे। रविवार को इस कॉलोनी में लोगों के बीच कल की घटना की ही चर्चा रही। हालांकि, लोग खुलकर कुछ भी बोलने से कतराते रहे। रविवार को यहां दुकानें भी खुलीं।
लोगों का कहना है कि गनीमत रही कि शनिवार को किसी को गोली नहीं लगी। विवादित प्लॉट के पीछे विष्णुधाम कॉलोनी में प्लाई का गोदाम है, फर्नीचर सहित कई दुकानें भी हैं। इसके अलावा कॉलोनी की ओर जाने का मुख्य रास्ता भी इधर से ही है। लोगों के अनुसार फायरिंग के दृश्य को वह कभी नहीं भूल पाएंगे। ऐसा लग रहा है कि अभी तक गोलियों की तड़तड़ाहट उनके कानों में गूंज रही है। गनीमत यह रही कि सुबह की घटना थी। दुकानें व गोदाम सुबह दस बजे के बाद खुलते हैं, इसलिए लोग मौजूद नहीं थे। सुबह डेयरी से दूध लेने निकलीं महिलाएं भागकर अपने घर पहुंच गई थीं। लोगों में पुलिस के ढीले रवैये को लेकर खासी नाराजगी रही।
दीवार पर गोलियों के निशान दे रहे गवाही : सत्यम
प्लॉट के पीछे सत्यम यादव की फर्नीचर की दुकान है। सत्यम ने बताया कि वह सुबह नौ-दस बजे दुकान पर आए थे। तब वहां काफी भीड़ थी। पुलिस भी मौजूद थी। इसके बाद उन्होंने दुकान की दीवार को देखा तो उस पर गोलियों के निशान साफ दिख रहे थे। ये निशान रविवार को भी वहां हुई अराजकता की गवाही देते दिखे। सत्यम के अनुसार घटना के बाद दहशत के कारण वह दुकान बंद करके चले गए। उनके अनुसार पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई।
फायरिंग होते ही भाग खड़े हुए : रोहित
जिस प्लॉट पर कब्जे के लिए फायरिंग हुई, वहां बाहर घुमंतू जाति के लोग डेरा डाले हुए हैं। यहां रह रहे रोहित ने बताया कि सुबह पांच-छह बजे की बात है। एकाएक कई लोग यहां आए। पहले एक फायर किया, फिर दुकान के अंदर घुस गए। फायरिंग होते ही आसपास के लोग भाग खड़े हुए। रोहित के अनुसार चार-पांच साल से वह यहां डेरा डालकर रह रहे हैं, लेकिन कभी मारपीट या ऐसी घटना नहीं हुई। संवाद