बरेली। प्रदेश सरकार के बजट से किसान, उद्यमी, युवाओं और नौकरीपेशा सभी को उम्मीदेें हैं लेकिन यह देखाना यह है कि लोगों की उम्मीदों पर अखिलेश सरकार का यह बजट कितना खरा उतरेगा। मिशन 2017 विधानसभा से जोड़कर इस बजट को माना जा रहा है। जिसमें सरकार किसानों, युवाओं और उद्यमी व्यापारियों को रिझाने की कोशिश करेगी। उद्यमी दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड आदि पड़ोसी राज्यों की तरह की टैक्स दरों को यूपी में भी लागू कराना चाहते हैं। इससे कारोबार बढ़ेगा और महंगाई कम होगी।
आईआईए, चैंबर ऑफ कामर्स और उद्योग व्यापार मंडल ने एक सुर से कहा है कि जो करदाता हैं उनपर टैक्स न लादा जाए। इसकी जगह नए करदाता चिन्हित किए जाएं। कारोबारियों ने बताया कि यूपी मेें टैक्स दरें ज्यादा होने से मुनाफा कम होता है। इसलिए भारी भरकम रकम से तैयार प्रतिष्ठान चलाना मुश्किल हो रहा है। पड़ोसी राज्यों में टैक्स कम है, इससे प्रतिस्पर्धा बाजार में यूपी का कारोबारी नहीं टिक पाता है। डीजल पेट्रोल समेत कई जिंसों पर टैक्स ज्यादा होने से परिवहन खर्च ज्यादा आता है, इसका सीधा असर आम उपभोक्ता पर पड़ रहा है। महंगाई भी बढ़ रही है। उद्यमियों ने कहा है कि इंडस्ट्रियल लोन आसान और सस्ता होना चाहिए। बीमार इकाईयों के लिए प्रदेश सरकार व्यवहारिक पैकेज लागू करे।
किसान चाहते हैं कि बजट में खाद, बीज सस्ता हो या फिर सबसिडी की व्यवस्था की जाए। युवा चाहते हैं कि पीएमजीएसवाई की तर्ज पर प्रदेश सरकार अपनी ओर से उद्योग लगाने के लिए लोन और सबसिडी प्रदान करने की व्यवस्था करे। जिससे कि उद्योग बढ़ेंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
नए करदाता बनाए जाएं
सरकार टैक्स दर बढ़ाकर पुराने करदाताओं पर बोझा डालती रही है। इसकी जगह पर नए करदाता तैयार होने चाहिए, इससे राजस्व बढ़ेगा और कारोबारी परेशान नहीं होगा।
- घनश्याम खंडेलवाल, आईआईए प्रदेश सचिव
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लोन हो सस्ता
औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए प्रदेश में इंडस्ट्रियल लोन आसान और सस्ता होना चाहिए। बीमार इकाईयों को चलाने के लिए सरकार विशेष योजना बनाकर लागू करे।
- राजेश गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष चैंबर ऑफ कामर्स
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समान कर प्रणाली बने
प्रदेश में समान कर प्रणाली लागू नहीं होने से कारोबारी और आम उपभोक्ता परेशान है। पड़ोसी राज्यों में टैक्स दरें कम होने से यूपी में तस्करी बढ़ी है। इससे राजस्व प्रभावित होता है। पड़ोसी राज्यों की तरह दरें लागू हों।
- राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल
‘प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य तो दिला नहीं पाई, अब कम से कम खाद, बीज में सबसिडी तो मिल जाए। चौधरी जगवीर सिंह, किसान नेता, भाकियू’