बरेली। वार्ड-35 में बरेली कॉलेज के पास 10 दिन में दो बार सड़क की खोदाई की गई। पहले पानी की पाइप लाइन दुरुस्त करने के लिए सड़क खोदी गई। अब सीवर लाइन जोड़ने के लिए दोबारा खोदाई की जा रही है। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। निगम के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी का खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
नगर आयुक्त आवास की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर 20 मई को अचानक पानी की पाइप लाइन फट गई थी। चूंकि मामला पॉश इलाके का था, इसलिए निगम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आनन-फानन में सड़क खोदकर पाइप लाइन को ठीक कराया और रास्ते को चलने लायक बनाया। अब शुक्रवार दोपहर को इसी सड़क पर फिर जेसीबी चलने लगीं। निगम के निर्देश पर मजदूरों ने दोबारा सड़क को तोड़कर गहरा गड्ढा करना शुरू कर दिया। मजदूरों ने बताया कि सड़क के नीचे सात फीट गहराई में दबी सीवर लाइन को दूसरी तरफ से जोड़ने के लिए यह खोदाई की जा रही है। नगर निगम के इस कारनामे से स्थानीय निवासियों और राहगीरों में आक्रोश है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह सड़क बेहद व्यस्त रहती है। यहां से रोजाना बरेली कॉलेज के हजारों छात्र-छात्राएं और आम लोग गुजरते हैं। यदि निगम को सीवर लाइन जोड़ने का काम करना ही था तो इसे दस दिन पहले ही कर लेते। इससे बजट और समय दोनों की बचत होती और लोगों को बार-बार जाम से जूझना नहीं पड़ता। अब लाइन जुड़ने तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वार्ड के पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि निगम को एक बार में ही दोनों काम कराने चाहिए थे। इससे जनता को परेशानी नहीं उठानी पड़ती।