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Bareilly News: नौ साल पहले बनी सड़क हुई जर्जर, 15 गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी

Tue, 31 Mar 2026 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बिशारतगंज। नौ साल पहले गड्ढा मुक्त अभियान के अंतर्गत दुरुस्त कराई गई बिशारतगंज-भिंडौरा मार्ग से चंजरीबाल किशनपुर गांव तक तीन किलोमीटर तक की सड़क दो साल में ही खराब हो गई है। इस कारण 15 गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
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वर्ष 2000 में तत्कालीन विधायक सुमन लता सिंह ने मंडी समिति से सड़क का निर्माण कराया था। उसके बाद से मरम्मत नहीं की गई है। सड़क जर्जर हो चुकी है। योगी सरकार ने गड्ढा मुक्त अभियान चलाया। 2017 में 68 लाख रुपये की लागत से मंडी समिति ने इस सड़क की मरम्मत कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। दो साल में ही सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
इस सड़क से गांव रुटिया, मोहम्मद गंज, चंजरीबाल किशनपुर, पस्तोर, कुसारी समेत 15 गांवों के लोगों का आवागमन होता है। बिशारतगंज रेलवे स्टेशन आने के लिए इन गांवों के लोग इसी सड़क से गुजरते हैं। सड़क जर्जर होने के कारण 10 मिनट की दूरी तय करने में 30-40 मिनट लग जाते हैं। गांव चंजरीबाल किशनपुर निवासी धनीराम, अनिल शंखधार, धर्मपाल राजपूत, बंटी राजपूत, पदम सिंह के मुताबिक, इस समस्या से सांसद नीरज मौर्य और क्षेत्रीय विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा को कई बार अवगत कराया है लेकिन कोई काम नहीं करवाया गया।
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वर्जन,
पत्र लिखा है। विधानसभा चुनाव से पहले सड़क का निर्माण करवा दिया जाएगा। - डॉ. राघवेंद्र शर्मा, विधायक
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यह सड़क मंडी समिति की प्राथमिकता में है। बजट के अभाव में इस वित्तीय वर्ष सड़क नहीं बन सकी। अगले वित्तीय वर्ष में बजट जारी करवाकर हर हाल में सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी। - राजकुमार राजपूत, जेई, मंडी समिति
अस्पताल जाना भी दूभर
फोटो पन्नालाल राजपूत

इस जर्जर सड़क से मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल होता है। बरसात में सड़क पर जलभराव होता है। बिशारतगंज बाजार व रेलवे स्टेशन आने-जाने में बेहद परेशानी होती है। गड्ढों के कारण ई-रिक्शा पलट जाते हैं। - पन्नालाल, ग्रामीण
फोटो रुकुम सिंह राजपूत का कहना है कि



इस सड़क से सैकड़ों लोगों का आवागमन रोजाना होता है। सड़क जर्जर होने के कारण ई-रिक्शा नहीं चल पाते हैं। जिनके पास खुद के संसाधन नहीं है, उनको पैदल ही बिशारतगंज जाना पड़ता है। - रुकुम सिंह राजपूत, ग्रामीण
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