बरेली। जिला सहकारी बैंक फरीदपुर के पूर्व शाखा प्रबंधक गौरव वर्मा ने घोटाले के मास्टरमाइंड चंद्र प्रकाश गंगवार के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से पात्रों का हक मारा था। इन लोगों ने मिलकर फरीदपुर शाखा में ही 1.31 करोड़ का घोटाला किया। सोमवार को गौरव वर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने चंद्र प्रकाश की तलाश तेज कर दी है। वह सहकारी बैंक फरीदपुर शाखा का तत्कालीन कैशियर है, जिसके विरुद्ध गबन के आरोप में दो एफआईआर हैं।
घाेटाले की जांच करने वाले जिला सहकारी बैंक मुख्यालय के अधिकारी बताते हैं कि चंद्र प्रकाश ने अपनी यूजर आइडी से फेक खातों में सबसे अधिक 99 प्रतिशत आधार नंबरों की फर्जी मैपिंग की है, जो घोटाले का आधार बने हैं। यह बरेली महानगर में रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के सामने तुलसीनगर में मकान नंबर 23 का रहने वाला है। जांच अधिकारियों का कहना है कि फरीदपुर बैंक शाखा में 3388 पुराने, निष्क्रिय और फर्जी खातों को संचालित किया गया और उसमें एक से अधिक आधार नंबरों की मैपिंग की गई है। इसमें 99 प्रतिशत आधारों की मैपिंग खुद चंद्र प्रकाश ने अपनी यूजर आइडी से की है। संवाद
पत्नी के साथ थाने पहुंचा था गौरव
जिला सहकारी बैंक फरीदपुर का घोटालेबाज पूर्व शाखा प्रबंधक गौरव वर्मा रविवार को पत्नी के साथ फरीदपुर थाने पहुंचा था। पहचान होते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया और दूसरे दिन सोमवार को जेल भेज दिया। हालांकि, उसकी पत्नी थाने के इंस्पेक्टर से पति के निर्दोष होने की बात कहकर छोड़ने के लिए गुहार लगाती रही। बाद में वह थाने से निकल गई थी। इधर, सहकारी बैंक अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार गौरव वर्मा की पत्नी बाराबंकी जनपद में जिला सहकारी बैंक मुख्यालय में शाखा प्रबंधक है।
फरीदपुर थाने के तीन नामजद अभी भी पुलिस से दूर
क्राइम इंस्पेक्टर ने बताया कि फरीदपुर बैंक शाखा में हुए घोटाले में चार बैंक कर्मी नामजद अभियुक्त हैं। इसमें दो शाखा प्रबंधक और इतने ही लिपिक/कैशियर हैं। शाखा प्रबंधकों में हाफिजगंज थाने के गांव अहमदाबाद निवासी शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार गंगवार व हरदोई का गौरव वर्मा हैं। जिसमें गौरव गिरफ्तार हो गया है। अन्य तीनों अभी फरार चल रहे हैं। लिपिक/कैशियर चंद्र प्रकाश गंगवार बरेली महानगर के तुलसी नगर में मकान नंबर-23 और दीपक पांडेय लखनऊ में कानपुर रोड पर 107 एलडीए कॉलोनी का निवासी है। इन लोगों के विरुद्ध वरिष्ठ सहायक अंकित कुमार की तहरीर पर आठ जुलाई 2025 को फरीदपुर थाने में नामजद एफआईआर दर्ज हुई थी।
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फरीदपुर, कनमन, नवाबगंज शाखा के कुल आठ हैं नामजद
बरेली । जुलाई महीने के शुरूआत में ही बरेली जिले में सहकारी बैंक में दो अलग-अलग शाखा में कुल 1.80 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। इसमें फरीदपुर शाखा में 1.31 करोड़ और कनमन शाखा में 48.81 करोड़ रुपये का गबन सामने आया था। इसमें फरीदपुर में चार लोग नामजद हुए थे। जबकि, कनमन शाखा में हुए घोटाले के आरोप में छह लोग नामजद हैं। इनमें शाखा प्रबंधक हितेंद्र सिंह राठौर, कैशियर देव सिंह, मुरारी लाल, नवाबगंज शाखा के कैशियर प्रहलाद सागर, चंद्र प्रकाश व दीपक पांडेय नामजद अभियुक्त हैं। इस तरह दोनों मामलों तीन शाखा प्रबंधक समेत कुल आठ लोग नामजद हैं। आरोप है कि इन लोगों ने बैंक शाखा के निष्क्रिय पुराने खातों को सक्रिय किया और अन्य फर्जी खातों का भी सृजन कर एक-एक खाते से कई-कई लोगों के आधार लिंक कर दिए। जिससे उन लाभार्थियों की किसान सम्मान निधि, विधवा पेंशन जैसी योजनाओं का पैसा भी इन्हीं खातों में आ गया था। इस पैसे में इन बैंक कर्मियों ने घोटाला किया। संवाद