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लालफाटक वाले बोले- हम समझ सकते हैं कुतुबखाना के व्यापारियों का दर्द

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लाल फाटक पर पलटा पड़ा केले से भरा ट्रक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कहा- ओवरब्रिज की लेटलतीफी ने बर्बाद कर दिया लालफाटक के व्यापारियों को

बरेली। लाल फाटक ओवरब्रिज क्षेत्र के व्यापारियों की आपबीती भी यही बताती है कि निर्माण कार्यों की लेटलतीफी क्षेत्र पर भारी पड़ी। व्यापारियों के व्यापार चौपट हो गए। चार साल से धूल खा रहे हैं, अब तक उन्हें इससे निजात नहीं मिल सकी है। व्यापारियों ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि पुल निर्माण में हुई लेटलतीफी से उनके कारोबार को जो झटका लगा है उससे उभर पाना आसान नहीं होगा। अभी उन्हें कार्य गति देखकर नहीं लग रहा है कि अगले एक साल में भी प्रशासन यह काम पूरा करा पाएगा। कुतुबखाना के व्यापारियों का कहना है कि उन्हें फ्लाईओवर किसी हाल में मंजूर नहीं है। यदि कोई दुकानदार कब्जा कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। वे लोग भी प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करेंगे।

लाल फाटक क्षेत्र के व्यापारियों का दर्द

हम करीब पांच साल से प्रशासन की लापरवाही का दंश झेल रहे हैं। दो साल में जिस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा होना था, वह पांच साल में आधा से थोड़ा से ज्यादा ही हो पाया है। रेलवे के हिस्से का पूरा काम बाकी है। कार्य प्रगति देखकर नहीं लग रहा है कि अगले एक साल में भी यह ओवरब्रिज शुरू हो सकेगा। इस दौरान काम चौपट हो गया। थोड़ा चल रहा है लेकिन वह बात नहीं है। -गोधन लाल राठौर, मिठाई विक्रे ता
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यहां चल रहे निर्माण ने कारोबार को बहुत प्रभावित किया। खासकर यहां से लगातार उड़ने वाली धूल से व्यापारी बीमार भी हुए और उनके माल को भी नुकसान पहुंचा। सड़कों की चौड़ाई कम हो गई। वाहन फुटपाथ से निकल रहे हैं तो ऐसे में दुकानदारी कहां हो पाएगी। पुल निर्माण तेजी से हो और यहां बचा हुआ काम जल्द पूरा किया जाए। यही वजह है कि हम कुतुबखाना के व्यापारियों दर्द समझ सक ते हैं। -राजू राठौर, नमकीन कारोबारी

कुतुबखाना इलाके के व्यापारियों की आशंका

लाल फ ाटक पर तो अब तक ओवरब्रिज निर्माण पूरा नहीं हो सका है। कुतुबखाना फ्लाईओवर का भी बड़ा प्रोजेक्ट है। यहां सड़क की चौड़ाई भी कम है। यहां निर्माण में चार साल लगे तो यहां के व्यापारी पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे, व्यापार ठप हो जाएगा। सोचना चाहिए कि व्यापारियों के परिवार कैसे चलेंगे। -अदनान

पूरे कुतुबखाना में सिर्फ फु टकर दुकानदारी का बड़ा काम है। थोक दुकानदारी का विकल्प जल्द नहीं मिलता और न ही जल्द व्यापार संभलने की संभावना होती है। यहां अगर दुकान छह महीने भी बंद रहीं तो उसके सारे सामान के साथ दुकानदार भी बर्बाद हो जाएगा। प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर सड़क का मूल रूप बहाल करे। हम दुकानदार भी साथ देंगे। -डॉ. बाबूराम

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