गुरुवार की देर रात अचानक घिरे बादलों ने की 16.5 एमएम बारिश
बरेली। बेमौसम बारिश का सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं। गुरुवार को दिन भर तेज धूप निकलने के बाद आगे भी ऐसा मौसम बने रहने की उम्मीदों पर शाम को पानी फिर गया। शाम को अचानक घिरे बादलों के जमावड़े ने पहले बूंदाबांदी की और फिर देर रात झमाझम बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों ने आगे आने वाले करीब सात दिनों तक कमोवेश ऐसा ही मौसम बने रहने की आशंका जताई है।
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों से मौसम में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहे हैं। इसकी वजह हालांकि स्पष्ट नहीं है। अरब सागर से चल रहे चक्रवात से पर्वतों के बादल शहर पर तेजी से घिर रहे हैं और बारिश कर रहे हैं। बताया कि गुरुवार से रविवार तक चार दिन अच्छी धूप खिलने की उम्मीद थी। मगर, गुरुवार की दोपहर में मौसम का मिजाज अचानक बदलने लगा। उत्तर पूर्व से चल रही हवाओं की दिशा उत्तर पश्चिम हो गई। ऐसे में बादलों का जमावड़ा लगा। तेज हवाएं चलने लगीं और रात में निम्न वायुदाब बनते ही जमकर बारिश हुई।
बता दें कि जिले के कुछ ब्लॉकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के दौरान ओले भी गिरे। ओले गिरने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, उन्होंने फिलहाल सात दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की आशंका जताई है। इसमें से अगले चार दिन हल्की और मध्यम बारिश होगी और फिर दो दिन ओले के साथ बारिश हो सकती है। तेज हवाएं जारी रहेंगी।
नई फसल के लिए मुसीबत बने ओले
अब तक खेतों में खड़ी गेहूं की करीब 95 फीसदी फसल कट चुकी है। वहीं, करीब पांच फीसदी ही फसल कहीं कटने या सुरक्षित करने से बची है। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी के मुताबिक पिछले दिनों शहर में बारिश हुई, लेकिन ओले नहीं गिरे। इससे फसल भीगी जरूर मगर उनके दाने नहीं छिटके। जिन्हें सुखाकर बेचने पर अच्छे दाम मिल सकते हैं। मगर, ओले के साथ हुई बारिश में जिन किसानों की फसल अभी मड़ाई को बाकी है या खेतों में खड़ी है। उन्हें नुकसान हो सकता है। वह ओलावृष्टि से हुई नुकसान के मुुआवजे के लिए बीमित किसान हेल्पलाइन नंबर और अन्य प्रशासन से अपील कर सकते हैं।