सीन एक- वाराणसी बरेली एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी थी। एक महिला यात्री अपने परिवार के साथ ट्रेन पकड़ने आ रही थी कि उनके बच्चे ने फुटओवर ब्रिज के रैंप से उतरने की कोशिश की। महिला ने बच्चे को पकड़ने की जल्दबाजी दिखाई तो खुद ही फिसल कर उल्टा पलट गई। ज्यादा चोट नहीं आई।
सीन दो- चंदौसी जाने वाली ट्रेन प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी थी। एक बुजुर्ग महिला गर्मी से राहत पाने के लिए बर्फ का गोला खाते आ रही थीं। अचानक फिसलीं और सारा बर्फ जमीन पर गिर गया। उनका पोता हाथ पकड़े था, इसलिए चोट नहीं आई।
यह सिर्फ दो सीन हैं। प्लेटफार्म नंबर दो- तीन के लिए फुटओवर ब्रिज रैंप के हैं। यहां खड़े रहिए तो ऐसे सीन मिनट दर मिनट दिखेंगे। रेलवे ने हाल में ही बने रैंप पर जो टाइल्स का प्रयोग किया है वह अब ‘स्लाइडिंग रैंप’ बन गए हैं। हर दूसरा यात्री इसपर फिसलकर गिर रहा है। बुजुर्ग और युवा भी सहारा लेकर चल रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही रैंप बनकर तैयार हुआ है। रेलवे दावा कर रहा है कि टाइल्स ठीक है लेकिन यात्रियों के चलने से चिकनी हो गई है। यहां काम करने वाले वेंडरों ने बताया कि कई यात्रियाें को गंभीर चोट आ चुकी है। जो यात्री उतर रहा है, उसके मुंह से भगवान का नाम निकलता है।
वर्जन--
‘काफी शिकायतें मिल रही हैं। यात्रियों के चलने से टाइल्स कुछ ज्यादा ही चिकनी हो गई है। जिससे लोग फिसल रहे हैं। जल्द ही ठीक किया जाएगा।’
एसपी शर्मा, स्टेशन अधीक्षक, बरेली जंक्शन