बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद भी आवेदन की गति धीमी है। विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध 242 कॉलेजों को मिलाकर कुल सवा लाख सीटें हैं, जिनके सापेक्ष अभी तक केवल 65,000 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इसके चलते करीब 60 हजार सीटें अभी भी खाली रहने का डर बना हुआ है।
जानकारों का मानना है कि विद्यार्थियों का रुझान अब नियमित पाठ्यक्रमों से हटकर निजी विश्वविद्यालयों की ओर बढ़ रहा है, जो इस कम आवेदन संख्या का एक बड़ा कारण है। विश्वविद्यालय के लिए यह चुनौती ऐसे समय में आई है जब हाल ही में मुरादाबाद में एक नई यूनिवर्सिटी बनने के बाद इसके संबद्ध कॉलेजों की संख्या 614 से घटकर मात्र 242 रह गई है।
नुकसान की भरपाई करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए विश्वविद्यालय नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दे रहा है। हालांकि, मौजूदा रुझान को देखते हुए, प्रवेश की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण 20 मई को शुरू हुए थे। वहीं, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण 11 जून से शुरू हुए हैं और 30 जून तक जारी रहेंगे। संवाद