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सूदखोर कारोबारी पर पुलिस मेहरबान, न गिरफ्तार हुई न वारंट जारी कराया

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बरेली। सूदखोरों से परेशान होकर मीरगंज के गांव संजरपुर निवासी प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर 45 वर्षीय चंद्रपाल ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। जेब से मिले सुसाइड नोट और वीडियो में उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार तीन सूदखोरों को बताते हुए उन्हें सजा दिलाने की बात कही थी। मगर उनकी मौत के छह महीने बाद भी पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी होजरी कारोबारी कपिल छाबड़ा को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। न ही कोर्ट से उसका गिरफ्तारी वारंट लिया है।
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चंद्रपाल फतेहगंज पश्चिमी के गांव पटवैया में प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर थे और मिनी बाईपास पर बसंत विहार कॉलोनी में किराये पर रहते थे। पिछले साल 29 जून की शाम करीब सात बजे गांव जाने की बात कहकर चंद्रपाल बाइक लेकर घर से निकले थे। इसके बाद न तो वह गांव पहुंचे और न ही घर लौटे। परिवार वाले उन्हें खोजते रहे लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा। 30 जून को देर शाम गांव वालों ने चंद्रपाल को खेत में पड़े देखा। परिजन चंद्रपाल को अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
तीन को जेल भेजकर शांत हुई पुलिस : चंद्रपाल की जेब से सुसाइड नोट और मोबाइल में उनकी एक वीडियो क्लिप मिली थी। इसमें उन्होंने रेशमा हास्पिटल के पास रहने वाली गुड़िया, शास्त्रीनगर के संतोष कुमार, पप्पू और कपिल होजरी के मालिक कपिल छाबड़ा को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। आरोप था कि इन लोगों से उन्होंने कुछ रुपये उधार लिए थे।
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उसके चार गुने रुपये दे देने के बावजूद सूदखोर उनके और पत्नी गीता के साइन किए चेक के जरिये उन्हें जेल भिजवाने की धमकी दे रहे थे। वीडियो और सुसाइड नोट में उन्होंने इन सभी को सजा दिलाने की मांग की थी। मीरगंज पुलिस ने इन चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की लेकिन होजरी कारोबारी कपिल छाबड़ा को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जबकि वह इस मामले का मुख्य आरोपी है। छह महीने बीतने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट से वारंट जारी कराने या कुर्की की कार्रवाई भी नहीं की गई है।
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