बरेली। जुन्हाई गांव में रामलीला के मंच पर शुक्रवार रात को हुई रवि सिंह की हत्या में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। दरअसल, वारदात के करीब तीन घंटे पहले कलाकारों से अभद्रता के विरोध में दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। उसी समय पुलिस अगर सख्ती से पेश आती तो इतनी बड़ी वारदात को बचाया जा सकता था। ड्यूटी तय होने के बाद भी पुलिस आई और उद्घाटन के बाद विधायक के जाते ही चली गई। पुलिस की इस लापरवाही पर एसपी ने थानाध्यक्ष व सीओ से पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस ने दी दबिश, आरोपी फरार
वारदात की सूचना पर घटनास्थल पर एसपी देहात उत्तरी मुकेश मिश्रा, सीओ मीरगंज गौरव सिंह, थानाध्यक्ष अमित कुमार बालियान पहुंचे व आरोपियों के यहां दबिश दी। अधिकांश आरोपी फरार हो गए। नामजदों में से केवल एक नितिन को पकड़ा जा सका। रवि तीन भाई व दो बहनों में सबसे बड़े थे। उसके तीन छोटे बच्चे हैं। इनमें दो बेटियां हैं। पोस्टमार्टम के बाद पहुंचे शव का देर शाम पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मेला व्यवस्थापक प्रमोद सिंह ने बताया गांव में 57 वर्षों से लगातार रामलीला का मंचन हो रहा है। पहली बार है, जब रामलीला को स्थगित कर दिया गया है। मंचन 31 अक्तूबर तक चलना था। मेला अध्यक्ष योगेंद्र सिंह पुलिस में दरोगा हैं।