बरेली। साहित्यिक संस्था बज्म-ए-रईस की ओर से ऑल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन रामपुर रोड स्थित एक शादी हाॅल में किया गया। यह महफिल बरेली के शायर मरहूम रईस बरेलवी की याद में सजाई गई। सदारत करते हुए मन्सूर उस्मानी ने पढ़ा- इतने चेहरे थे उसके चेहरे पर, आईना तंग आके टूट गया। अजहर इनायती, डॉ. माजिद देवबंदी, कुंवर जावेद, डॉ. जावेद नसीमी, अफ़जल इलाहाबादी, डॉ. नासिर अमरोहवी, बज्म-ए-रईस के सदर अतहर बरेलवी, डॉ. अनवर वारसी, मखदूम बरेलवी, मुशायरा संयोजक राहिल बरेलवी, अजहर रईस ने अपने कलाम पेश किए। संस्था के नायब सदर मुजफ्फर रईस ने अपने वालिद मरहूम रईस बरेलवी साहब की नज्म पढ़कर मुशायरे के समापन का एलान किया।मशहूर शायर अजहर इनायती को रईस बरेलवी अवऍर्ड दिया गया।