बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार शाम मणि मधुकर की ओर से लिखित नाटक ''''दुलारी बाई'''' का मंचन किया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। साथ ही, इसने लालच, कंजूसी और सामाजिक विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य भी किया।
कल्लू भांड की चुटीली बातों और दुलारी बाई की नोकझोंक ने सभागार को ठहाकों से गूंजा दिया। नानकु मोची की शरारतें और घटनाक्रम के हास्यपूर्ण मोड़ दर्शकों को खूब हंसाते रहे। एक के बाद एक बदलते दृश्यों और लोक-रंग से सजे संवादों ने दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा। विनायक कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक का हर दृश्य तालियां बंटोरता रहा। कलाकारों की सहज अदायगी ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। अंतिम दृश्य में धन के मोह से ऊपर मानवीय रिश्तों और संवेदनाओं का प्रभावी संदेश दिया गया। प्रस्तुति के अंत में दर्शकों ने कलाकारों को देर तक तालियों से सराहा।
नाटक में विषा गंगवार ने दुलारी बाई की मुख्य भूमिका निभाई। सूर्य प्रकाश ने कल्लू भांड का किरदार निभाया। विनायक कुमार श्रीवास्तव ने कटोरीमल की भूमिका के साथ-साथ नाटक का निर्देशन भी किया। कार्यक्रम में एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष देवमूर्ति उपस्थित रहे। उनके साथ बड़ी संख्या में रंगप्रेमी भी इस मंचन को देखने पहुंचे।