मीरगंज। थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर स्थित अर्जुन ढाबे पर हुई मारपीट मामले में नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दो व्यक्तियों पर पैसे लेने का आरोप लगाने वाला शिकायतकर्ता अपने बयान से मुकर गया है। उसने कहा है कि पुलिस के दबाव में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसलिए वह नहीं चाहते कि निर्दाेष पर कोई कार्रवाई हो।
तीन नवंबर को नौसना के यादराम ने अपने पुत्र के साथ हुई मारपीट मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के नाम पर संजीव सिंह और उनके पुत्र पर 35 हजार रुपये लेने का आरोप लगाकर मीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी दिन शाम में पुलिस अधीक्षक उत्तरी के यहां पहुंचकर पुलिस द्वारा धमकाकर झूठी रिपोर्ट लिखाने के आरोप लगाए।
बृहस्पतिवार को यादराम ने सीओ मीरगंज को संबोधित एक शपथपत्र देकर बताया कि उनका पुत्र सौरभ 31 अक्तूबर को अपने दोस्तों के साथ नेशनल हाईवे पर स्थित अर्जुन ढाबे पर खाना खाने गया था। वहां होटल मालिक महेश आदि ने उसके साथ मारपीट की थी। पुलिस ने होटल मालिक महेश की ओर से दर्जन भर लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। वह दो नवंबर को मीरगंज थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे हवालात में बंद कर धमकाया। उस पर दबाव बनाया कि वह संजीव सिंह एवं उसके पुत्र गौरव पर पुलिस के नाम पर 35 हजार रुपये लेने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराओ। तभी तुम्हारी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी, जबकि वह दोनों को जानते तक नहीं है। इधर, प्रभारी निरीक्षक मीरगंज सिद्धार्थ सिंह तोमर ने बताया कि यादराम पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है। उसने स्वयं तहरीर दी है।
अभी मुझे शपथपत्र नहीं मिला है। शपथपत्र मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो सही तथ्य सामने आएंगे। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- गौरव सिंह, सीओ मीरगंज।
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