सीएम के विरोध पर भाजपाई ही उलझ गए
-काले झंडे दिखाने के मसले पर जिलाध्यक्ष रविंद्र ने किनारा किया
-राजकुमार फिर भी अड़े, बोले-जेल जाएंगे लेकिन झंडे दिखाएंगे
23 मई को बरेली आ रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर काले झंडे दिखाने के ऐलान पर भाजपा में अंदरखाने ही सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर फिलहाल पार्टी दो गुटों में बंट गई है। काले झंडे दिखाने का ऐलान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा और पूर्व महानगर अध्यक्ष पुष्पेंदु शर्मा ने किया है । जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का निर्णय राजकुमार और पुष्पेंदु का हो सकता है, पार्टी का नहीं इसलिए पार्टी उनके साथ नहीं है। भाजपा ऐसा कोई कदम नहीं उठाने जा रही है।
वहीं, राजकुमार शर्मा अपने ऐलान पर अडिग हैं। हालांकि उन्होंने जिलाध्यक्ष के बयान पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है लेकिन कहा है कि वह कार्यकर्ताओं की टोली के साथ मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाएंगे। इसकी तैयारी की जा रही है। बोले- कानून व्यवस्था चौपट है। लोगों को बिजली नहीं मिल रही है। गांवों में जमकर बिजली कटौती की जा रही है। अपराधियों के आगे पुलिस नतमस्तक है और सीधे-सज्जन लोगों में दहशत है फिर भी अगर विपक्ष संघर्ष नहीं करेगा तो कौन करेगा। पार्टी के हर कार्यकर्ता का जनता के साथ खड़े होना फर्ज है इसीलिए उन्होंने संघर्ष का निर्णय लिया है। बोले- अगर जेल जाना पड़ेगा तो इसके लिए तैयार हैं लेकिन जनता के लिए संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।