बरेली। जलापूर्ति को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर शुरू किए गए पंप ऑटोमेशन सिस्टम पर ऑपरेटरों की दबंगई भारी पड़ रही है। राजेंद्रनगर में शुक्रवार को घंटों जलापूर्ति ठप रही। नागरिकों की नाराजगी को देखते हुए पार्षद सतीश कातिब ने जलकल के अफसरों से संपर्क साधा तो उन्होंने मामले को टालने की कोशिश की। इसके कुछ देर बाद पंप ऑपरेटर ने खुद ही पार्षद को काल की। धमकी भरे लहजे में कहा- जिससे शिकायत करनी है कर लो, पानी की सप्लाई चालू नहीं होगी। नगर आयुक्त को मेरा नाम बता देना, वह भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
ऑपरेटर के इस बयान से खलबली मच गई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ऑटोमेशन संचालन कंपनी ने इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सक्षम कर्मचारियों के बजाय ऐसे ही दबंग और रसूखदार लोगों के हवाले कर रखा है। इसलिए जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मामला नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य तक पहुंचा तो वह पार्षद और आक्रोशित क्षेत्रवासियों को साथ लेकर मौके पर पहुंच गए।
वहां मौजूद लोगों ने नगर आयुक्त के सामने ऑटोमेशन कंपनी की पूरी कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी। लोगों ने बताया कि पंप हाउस पर जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद बिजली कटने पर उसे चालू तक नहीं किया गया। इससे इलाके के लोग पानी के लिए तरस गए। ऑटोमेशन सिस्टम को लेकर नगर निगम ने दावा किया था कि अब जनता को पानी की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी, लेकिन ऑपरेटर की मनमानी और रसूख के आगे पूरा सिस्टम लाचार नजर आया। फिलहाल, नगर आयुक्त ने आक्रोशित जनता को शांत कराते हुए इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।