बरेली। पुराना शहर के कांकर टोला स्थित मदीना शाह के इमामबाड़े से बृहस्पतिवार को अब्बासी समाज की सबील निकाली गई। अजादार फहीम मियां चौधरी के नेतृत्व में इस सबील के साथ कमेटी के तमाम सदस्य शामिल रहे। खास तौर से इस्लाम काशिफ, साजिद, इमरान, विक्की, असीम साथ रहे। अखिल भारतीय अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष शारिक अब्बासी ने बताया कि यह सबील शुक्रवार को आसपास क्षेत्र के कई मोहल्लों से होती हुई इमामबाड़ा पहुंचेगी। संवाद
सुभाष नगर से निकाला गया जुलूस-ए-हुसैनी
बरेली। सुभाषनगर पुरवा बब्बन खां बस्ती से जुलूस-ए-हुसैनी अपने रीति-रिवाज के साथ निकला गया। 158 साल पुश्तैनी इमामबाड़े चुम्मन बी में अकीदतमंदो ने अलम की जियारत की। चुम्मन बी के इमामबाड़े में जिक्र-ए-हुसैन की महफिल हुई। इसमें कर्बला का मंजर बयाकर 72 शहीदाने कर्बला को खिराजे अक़ीदत पेश की गई। जुलूस में अकील खां छोटू का तखत सहित अबरार खां, बादशाह रशीद अहमद, शारिफ अहमद, जावेद, साबिर, अफरोज़, शहबाज़ खान, जब्बार खान के अलम शामिल रहे। हाजी नौशाद अली खान ने लंगर किया। इस मौके पर नसीम अहमद खान, इसराफील राशमी खान, पूर्व पार्षद अब्दुल जब्बर, पम्मी खान वारसी आदि ने जुलूस के साथ रहे। संवाद
वापस हुआ खानकाह नियाजिया का जुलूस
बरेली। खानकाह नियाजिया से निकाला गया मोहर्रम का जुलूस बृहस्पतिवार को वापस हुआ। यह जुलूस बुधवार को खानकाह से रवाना हुआ था। जो बानखाना पहुंचा था। जहां रात्रि विश्राम के बाद खानकताह पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह नमाज के वक्त जुलूस रुकता और लोग नमाज अदा करके आगे बढ़ जाते। इस दौरान कटरा मान राय में अहमद उल्लाह वारसी ने अपने साथियों के साथ स्वागत किया। इसी तरह कई जगह पर स्वागत करने का सिलसिला रहा। संवाद