महिलाओं ने हंगामा कर टीम पर लगाया अभद्रता करने का आरोप
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मकान में गर्भवती महिला के होने की बात कहकर मांगी तीन माह की मोहलत
बरेली। मढ़ीनाथ में एक मकान को खाली कराके कब्जा लेने के लिए शुक्रवार को नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंची। टीम ने जैसे ही कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की तो महिलाएं टीम से उलझ गईं। उन्होंने हंगामा करते हुए टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। मकान में रह रहे मनोज विकट ने घर में एक गर्भवती महिला के होने की बात कहकर तीन महीने की मोहलत मांगी। इस पर नगर निगम की टीम ने उन्हें डेढ़ महीने की मोहलत देकर लौट आई। मनोज ने निगम की टीम पर महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप लगाया है। कहा, मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद नगर निगम प्रशासन उन्हें परेशान कर रहा है।
कर अधिकारी ललितेश सक्सेना ने बताया कि जिस घर को लेकर विवाद है, वह नगर निगम की जमीन पर बना है। एसडीएम कोर्ट से इसका मुकदमा भी नगर निगम जीत चुका है। इस पर वह तहसीलदार और नगर निगम के अधिकारियों के साथ जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे थे, लेकिन कब्जेदारों ने कहा कि घर में बच्चे और गर्भवती महिला है। अचानक बेघर कर देने पर वे कहा जाएंगे? इन लोगों ने तीन महीने की मोहलत मांगी तो उन्होंने अधिकारियों से बात कर डेढ़ महीने की मोहलत दे दी। उनसे साफ कह दिया गया है कि डेढ़ महीने बाद कब्जा हटा दिया जाएगा।
इधर, मकान में रह रहे मनोज विकट का कहना है कि नगर निगम फर्जी कागजों पर मुकदमा लड़ रहा है। मकान उनका है। 1938 से उनके परिवार के लोग मकान पर काबिज हैं। मकान के पूरे कागज उनके पास हैं। मामला कोर्ट में भी चल रहा है। इसके बाद भी निगम के लोग टीम लेकर जबरन उनके घर पहुंच गए। घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता और धक्का-मुक्की की। इस बाबत नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने कहा कि जमीन नगर निगम की है। उन्होंने प्रार्थना पत्र के आधार पर डेढ़ महीने की मोहलत दे दी है। निगम टीम इसके बाद फिर कब्जा हटाने पहुंचेगी। रोकने पर कार्रवाई की जाएगी।