लॉकडाउन में सरकारी सिस्टम की ढिलाई का फायदा उठाकर धड़ल्ले से चल रहा खनन का खेल
बरेली। बारिश का सीजन आने से पहले लॉकडाउन की आड़ में नदियों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन शुरू हो गया है। पनगहली, रामगंगा सहित कई नदियों के किनारे बसे गांवों में अवैध खनन करके माफिया ने रेत का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। बाद में नदी में बाढ़ आने के बाद माफिया इस रेत को मनमाने दामों पर बेचेंगे। इसके बावजूद पुलिस और खनन विभाग की टीम इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
एनजीटी के आदेश के तहत एक जुलाई से सभी खनन पट्टे रद्द हो जाते हैं। चूंकि इस समय लॉकडाउन की वजह से पूरा सरकारी सिस्टम आपदा से निपटने में लगा है, इसका खनन माफिया भरपूर फायदा उठा रहे हैं। कई जगह अंधाधुंध खनन हो रहा है। पनगहली नदी में नवाबगंज के साथ ही औरंगाबाद, हाफिजगंज, बकैनिया, नौवानगला, धर्मपुर सहित कई स्थानों पर जमकर अवैध खनन हो रहा है। हाफिजगंज के पास सबापुर में तो सुबह तीन से चार बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली और डनलपों से अवैध खनन शुरू हो जाता है। गांव में बड़ी संख्या में लोग घरों में रेत का स्टॉक लगा कर रहे हैं। इधर, रामगंगा के किनारे चौबारी में रौंधी सहित कई जगहों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध खनन हो रहा है। बहेड़ी में अवैध खनन के चलते एसडीएम ने पहले कुछ लोगों को मिट्टी लाने की परमीशन दी थी लेकिन बाद में उसे निरस्त कर दिया गया। बिथरी चैनपुर में भी परातासपुर में एक बड़े तालाब के किनारे से स्थानीय लोग बड़े पैमाने पर अवैध खनन करके उसकी बिक्री कर रहे हैं।
खनन विभाग के रिकॉर्ड में बहेड़ी में सिर्फ एक पट्टा
खनन विभाग ने पिछले साल बहेड़ी में दो खनन पट्टे ट्यूला और मोहम्मदपुर में दिए थे। साल भर पहले शासन से आई टीम ने मोहम्मदपुर में किच्छा नदी में मशीनों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन होते पकड़ा था। जांच के बाद ट्यूला का पट्टा तो बहाल कर दिया गया लेकिन मोहम्मदपुर में खनन बंद है। बताते हैं कि इस मामले को लेकर पट्टाधारक कोर्ट में चला गया। इस वजह से प्रशासन ने यहां दूसरा पट्टा नहीं किया है। इससे रॉयल्टी के तौर पर प्रशासन को काफी नुकसान हो रहा है। इस तरह जिले में अभी केवल एक ही खनन पट्टा जारी है।
टास्क फोर्स भी निष्क्रिय, नहीं लगा पा रही लगाम
अवैध खनन रोकने के लिए जिला और तहसील स्तर पर टास्क फोर्स बनी हुई है। इसमें जिला स्तर पर डीएम और एसएसपी और तहसील में एसडीएम और सीओ सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं, लेकिन लॉकडाउन के पहले से ही टास्क फोर्स लगभग निष्क्रिय है।
नियमित तौर से जांच की जा रही है। अगर कहीं अवैध खनन हो रहा है तो चेकिंग कराकर कार्रवाई की जाएगी। -कमल कश्यप, जिला खनन अधिकारी