बरेली। रोकथाम के दावों के बीच मलेरिया के मरीजों की तादाद 527 तक पहुंच गई है। तीन गंभीर मरीजों को बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के मलेरिया वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
मढ़ीनाथ निवासी 30 वर्षीय महिला और कुंवरगांव निवासी 28 वर्षीय महिला को कई दिनों से बुखार आ रहा था। दवाएं बेअसर रहीं तो दोनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर जांच कराई थी। बृहस्पतिवार सुबह रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर दोनों को मलेरिया वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहीं, आठ जून को हृदय रोग वार्ड में भर्ती शाहजहांपुर के 60 वर्षीय बुजुर्ग भी मलेरिया की चपेट में पाए गए। उन्हें भी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। तीनों में मलेरिया विवैक्स की पुष्टि हुई है। 14 दिन इलाज चलेगा।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, जो भी मरीज मिले हैं, उनमें 99 फीसदी विवैक्स मलेरिया के हैं। स्पष्ट है कि इलाज अधूरा छोड़ने से निष्क्रिय पैरासाइट्स मौका मिलने पर फिर उभरे और लोग रोग की चपेट में आए। लोगों से पूरा इलाज कराने की अपील की है।
बारिश के बाद जलभराव, पनप रहे मच्छर
फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक, माह भर से हो रही बारिश से जलभराव समेत तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच है। दोनों ही परिस्थितियां अनुकूल होने से मच्छरों के लार्वा पनपने की आशंका बढ़ गई है। इससे बचाव के लिए जलनिकासी की व्यवस्था जरूरी है। जहां पानी भरा हो, वहां जले तेल की कुछ बूंदें डाल दें। बुखार हो तो मलेरिया की जांच जरूर कराएं। ब्यूरो