रबर फैक्ट्री की जमीन पर नया प्रोजेक्ट लाएंगे संतोष
- फोटो : रबर फैक्ट्री की जमीन पर नया प्रोजेक्ट लाएंगे संतोष
करीब 18 वर्षों से वीरान पड़े रबर फैक्ट्री भूमि कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगने की संभावना तलाशी जा रही हैं। राज्य और केंद्र में भाजपा सरकारें हैं और अब वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने इसके लिए पहल शुरू कर दी है। शनिवार को वित्त राज्य मंत्री ने नवागत डीएम केे साथ इस बारे में विचार किया और इसके लिए कोई नया प्रोजेक्ट बनवाने और लंबित टेक्सटाइल पार्क संबंधी अड़चनें दूर करने पर जोर दिया है।
15 जुलाई 1999 रबर फैक्ट्री इतिहास के लिए एक काला दिन था। प्रबंधन और यूनियन के बीच बढ़े विवाद से एक बड़ा उद्योग तालाबंदी का शिकार हो गया। कई बार इसे चालू करने की पहल हुई लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं। बसपा कार्यकाल में कुछ लोग कब्जा करने के लिए सक्रिय हो गए थे। अब केंद्र और राज्य दोनों स्थानों पर एक पार्टी की सरकारेें काबिज हो गयी हैं। इसलिए एक बार फिर रबर फैक्ट्री की जमीन पर कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। संतोष गंगवार कई बार विभिन्न उद्यमियों की बैठक में वीरान पड़ी फैक्ट्री भूमि पर कोई प्रोजेक्ट करने के लिए संकेत देते रहे हैं।
शनिवार दोपहर केंद्रीय मंत्री ने नवागत डीएम पिंकी जोवेल से अनौपचारिक बैठक कर रबर फैक्ट्री भूमि पर कोई प्रोजेक्ट बनवाने को कहा। गंगवार ने बताया कि ऐतिहासिक फैक्ट्री बंद होने से करीब तीन हजार कर्मचारी प्रभावित हुए थे। इसके अलावा हजारों लोग अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार से जुड़े थे। फैक्ट्री भूमि पर प्रोजेक्ट आने से तमाम निवेशक तैयार हो जाएंगे और बरेली व आसपास हजारों लोगों को रोजगार मिलना संभव होगा।
टेक्सटाइल पार्क अड़चनें दूर हों
फतेहगंज पश्चिमी स्थित प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क केंद्र में भाजपा सरकार बनते ही मंत्री संतोष गंगवार ने मेगा कलस्टर और टेक्सटाइल पार्क योजनाएं स्वीकृत करायीं थीं। तत्कालीन सपा सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से दोनों योजनाएं लंबित हैं। मेगा कलस्टर पर बात कुछ बढ़ी है, लेकिन पार्क की योजना आगे नहीं बढ़ पायी है। वित्त मंत्री ने बताया कि चकबंदी संबंधी मामले लंबित हैं, इसे तेजी से निस्तारित कराया जाए। नेशनल हाइवे से टेक्सटाइल पार्क तक संपर्क मार्ग जिला पंचायत स्तर लंबित है। इस योजना से करीब दस हजार लोगों को सीधा फायदा होगा और जिले में कई प्रमुख उद्यमी निवेश करेंगे। डीएम ने कहा कि जल्द सभी अड़चनें दूर करायी जाएंगी। संबंधित विभाग और उद्यमियों से बैठक कर सुझाव भी लिए जाएंगे।
वार्ड परिसीमन
मंत्री ने बताया कि नगर निगम परिसीमन में गड़बड़ियां हुई हैं। नगर पालिका और परिषदों में कई मामले सामने आए हैं। मंत्री ने सुझाव दिया है कि आपत्तियां सुनने की अवधि बढ़ी दी जाए।