बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान से बकाया 59.18 करोड़ का टैक्स न मिलने के बाद नगर निगम ने दोबारा सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन दाखिल करा है। सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ ही दिन पहले आईवीआरआई को करा अदा करने के लिए कहा था।
आईवीआरआई पर नगर निगम का करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया बकाया था। कई नोटिस के बाद भी आईवीआरआई की ओर से रकम जमा नहीं कराई गई। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
नगर आयुक्त की ओर से आईवीआरआई के निदेशक को पत्र लिखकर चालू वित्त वर्ष के अंत तक बकाया कर जमा करने को कहा गया। इसके बाद भी कर जमा नहीं किया गया। इसके बाद निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया गया है।
निगम की ओर से संस्था को दिए गए नोटिस में बताया था कि यदि संस्थान को इस बिल या धनराशि के संबंध में कोई आपत्ति है, तो वे साक्ष्यों के साथ अपना प्रत्यावेदन कार्यालय में जमा कर सकते हैं। लेकिन संस्था की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि निगम की ओर सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया गया है।