बरेली। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ब्रज प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह से हुई साइबर ठगी के मामले में बारादरी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में एपीके फाइल से एप इंस्टाल कर वॉलेट बनाकर रकम ट्रांसफर करने की बात सामने आई है। सोमवार को बैंक खुलने पर रकम जाने वाले खातों की स्थिति का पता लगाया जाएगा।
इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि भाजपा नेता के मोबाइल फोन पर चालान के बहाने एपीके फाइल भेजकर उसे रिमोट एक्सेस पर लिया गया। फिर ठगों ने वॉलेट बनाकर उसमें 1,10,000 रुपये उड़ा दिए। यह रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई या फिर ऑनलाइन शॉपिंग की गई, सोमवार को बैंक खुलने पर इसका पता लग सकेगा। घटनाक्रम के बाद से अब तक बैंक बंद हैं। ऐसे में धन निकासी पर रोक लगाने की रिपोर्ट साइबर सेल के जरिये भेज दी गई। उम्मीद है कि कुछ धन फ्रीज जरूर हुआ होगा।
ये है ठगी का नया तरीका
साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि साइबर ठगों ने एपीके फाइल (एंड्रॉयड पैकेजिंग किट) को ठगी का नया हथियार बना लिया है। ठग लोगों के खाते से रुपये उड़ाने के लिए फर्जी वाहन चालान, निमंत्रण पत्र या बीमा पॉलिसी के बहाने एपीके फाइल व्हाट्सएप पर भेज रहे हैं। फाइल ओपन करते ही इसमें छिपा एप संबंधित मोबाइल में डाउनलोड हो जाता है। इस एप के जरिये ठग संबंधित के मोबाइल को रिमोट पर लेकर ठगी कर लेते हैं। आपका फोन एपीके फाइल डाउनलोड करने पर चेतावनी देता है। इस मामले में भी ठगी का मेसेज पहले भाजपा नेता के भाई के फोन पर आया था। वह आईफोन चला रहे थे तो फाइल डाउनलोड करने से पहले ही चेतावनी मेसेज आने लगे। हालांकि उन्होंने इसे लोड करके ओपन करने के बजाय गुरप्रीत व उनके कर्मचारी को भेज दिया और यहां फाइल ओपन करने की चूक हो गई। ब्यूरो
ऐसे करें बचाव
इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि फोन में अनजान एप डाउनलोड करने से बचें। एपीके फाइल को गलती से भी न खोलें। अनजान वेबसाइट का इस्तेमाल सावधानी से करें। यदि कोई अनजान फाइल भेजकर उसे खोलने के लिए कहता है तो इससे बचें। साइबर ठगी होने पर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।