बरेली। बरेली कॉलेज में बीते दिनों प्रवेश देने में हुईं अनियमितताओं को लेकर रविवार को कॉलेज के सेमिनार हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें प्रवेश समिति के सदस्य शामिल रहे।
इस दौरान फीस के साथ विद्यार्थियों से जीएसटी लेने की बात उठाई गई। प्रतिशत के बजाए पर्सेंटाइल जारी करने पर मंथन हुआ। वहीं, प्रवेश एजेंसी को चेतावनी जारी करते हुए 115 प्रवेशार्थियों की डिटेल मांगी गई है जिससे उनकी पात्रता स्पष्ट हो सके। मौजूदा प्रवेश एजेंसी सियारा इंफ्राटेक को कॉलेज द्वारा प्रवेश के काम का एक और मौका देने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
बरेली कॉलेज में कई दिनों से प्रवेश देने की प्रक्रिया में समस्याएं आ रही हैं। इन समस्याओं पर विराम लगाने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना शर्मा बैठक में ऑनलाइन जुड़ीं।
उन्होंने बताया कि इस बार जिन अभ्यर्थियों का कम प्रतिशत होते हुए भी प्रवेश हुआ है, उनका डाटा एजेंसी से मांगा गया है। ये अगर अभ्यर्थी की श्रेणी, वेटेज या किसी भी स्तर पर बीए, बीएससी या बीकॉम में पात्र मिलते हैं तो उनका प्रवेश पक्का हो सकता है। इसके लिए इन अभ्यर्थियों को कॉलेज बुलाया जाएगा।
वहीं, अब तक जो कटऑफ प्रतिशत में चल रही थी अब वह पर्सेंटाइल में जारी होगी। इससे यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं को फायदा हो सकता है। शेष बोर्ड के छात्रों पर इसका कोई नुकसान नहीं होगा। बैठक में एजेंसी संचालक को प्रवेशार्थियों से जीएसटी लेने पर फटकार लगाई गई, साथ ही चेताया गया कि अपना पेमेंट गेटवे विकसित करें, अन्य किसी एजेंसी से काम कराने पर कॉलेज जिम्मेदारी नहीं लेगा।
जिन अभ्यर्थियों से जीएसटी अब तक ली गई है इसका हिसाब अब भी स्पष्ट नहीं किया गया। एनसीसी, स्पोर्ट्स, स्काउट आदि के सर्टिफिकेट का वेटेज भी अब तक मेरिट में शामिल नहीं किया गया था, जो किया जाएगा। अभ्यर्थियों की 12वीं की मार्कशीट भी अब ऑनलाइन सत्यापित होगी। संदेह होने पर समिति के सदस्य अभ्यर्थी से डॉक्यूमेंट ऑफलाइन मंगाकर सत्यापन कर सकते हैं।