धुंध और प्रदूषण के कारण रात 8.55 पर दिखा चंद्रमा
बरेली। करवाचौथ का व्रत सुहागिनों के लिए खास माना जाता है, कहते हैं कि सुहागिन महिलाएं इस दिन का इंतजार पूरे साल करती हैं। मान्यता है कि निर्जला व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य देने से पति की आयु लंबी होती है। हमेशा पेड़ों के आसपास दिखाई देता था। लेकिन इस बार धुंध के कारण तीन गुना ऊंचाई पर रात 8.55 बजे दिखाई दिया।
करवाचौथ बुधवार को मनाई गई। सुहागिन महिलाओं ने दिन भर निर्जला व्रत रखा। रात में चंद्रमा निकलने पर पूजा की और अर्घ्य दिया। इसके बाद उन्होंने छलनी में पति को देखकर व्रत खोला। पूजा के समय सभी महिलाएं दुल्हन की तरह सजकर 16 श्रंगार किया। हरि मंदिर, बांके बिहारी मंदिर समेत कई मंदिरों में महिलाओं ने सामूहिक पूजा की। उनके पति भी वहां पहुंच गए जिन्होंने पानी पिलाकर अपनी पत्नियों का व्रत खुलवाया। हिंदू पंचांग की मानें तो जो स्त्रियां इस दिन व्रत रखती है और सच्चे मन से माता पार्वती से अपने पति की मंगल की कामना करती हैं। उन्हें मां पार्वती सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद देती हैं। हालांकि कुछ ज्योतिषियों का कहना था कि अधिमास या मलमास के कारण लगने वाले साल में पहली करवाचौथ रखने वाली महिलाओं को व्रत नहीं रखना चाहिए। इस साल अधिमास 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक रहा था।