नवाबगंज। पीलीभीत में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पंडरी गांव के राजकुमार अपने माता-पिता के इकलौते संतान थे।
वह शादी समारोह में हलवाई का काम करते थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी प्रियंका, बेटी पलक, वैष्णवी, माता नत्थोदेवी, पिता मदनलाल का रो-रोकर हाल बेहाल रहा।
माता नत्थोे देवी ने बताया कि भगवान ने उनके बुढ़ापे की लाठी को तोड़ दिया है। वह ही घर को कमाकर खिलाने वाला था। उसकी पत्नी के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही थीं। बच्चों को लालन-पालन कैसे करेगी।
पिता मदनलाल भी अपने इकलौते चिराग के बुझने से मायूस थे। वह बिलख रहे थे। ग्रामीणों में चर्चा थी कि पीलीभीत के न्यूरिया के बिठौरा खुर्द जाते समय राजकुमार अगर हेलमेट पहने रखता तो उसकी जान बच सकती थी। संवाद