रुहेलखंड विश्वविद्यालय के वार्षिक पाठ्यक्रमों की परीक्षा मंगलवार को बरेली कॉलेज में 15 मिनट की देरी से शुरू हुई। कक्ष निरीक्षकों की कमी और उनके देर से पहुंचने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। नए परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके सिंह के पदभार संभालने के बाद यह पहली बड़ी परीक्षा थी। पहली ही बड़ी परीक्षा में अव्यवस्थाएं सामने आने के बाद उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को हुई 34 विषयों की परीक्षा में 1668 परीक्षार्थी शामिल हुए।
कॉलेज में 48 कमरों में 104 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें से सिर्फ 60 शिक्षक ही सुबह आठ बजे से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। नियमानुसार, कक्ष निरीक्षकों को परीक्षार्थियों से करीब आधा घंटा पहले परीक्षा कक्ष में पहुंचना होता है। शिक्षकों के देरी से पहुंचने के कारण परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं बांटने में भी विलंब हुआ।
इस अव्यवस्था के चलते परीक्षा 15 मिनट देरी से शुरू हो सकी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय से परीक्षार्थियों की संख्या परीक्षा से एक दिन पहले दोपहर तीन बजे के बाद मिल सकी। इस कारण व्यवस्था बनाने में समस्याएं आईं। उन्होंने यह भी कहा कि कई रिसर्च स्कॉलर अपनी-अपनी वजहों से समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे शुरुआती व्यवस्था कुछ ठीक नहीं बैठ सकी। हालांकि, परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया।
स्थाई शिक्षकों को वरीयता न मिलने पर नाराजगी
परीक्षा ड्यूटी में स्थाई शिक्षकों के बजाय अस्थाई शिक्षकों को कक्ष के अंदर ड्यूटी दिए जाने पर कई शिक्षकों ने नाराजगी व्यक्त की है। प्रथम पाली में परीक्षा अधीक्षकों की ड्यूटी में भी कई स्थाई शिक्षकों को शामिल न करने पर विरोध जताया गया। शिक्षकों का कहना है कि अनुभवी स्थाई शिक्षकों को नजरअंदाज किया गया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके सिंह ने इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। आगामी परीक्षाओं में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। शेष स्थाई शिक्षकों की ड्यूटी सेमेस्टर परीक्षाओं में लगाई जाएगी।
परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ी गई छात्रा
बरेली। वार्षिक पाठ्यक्रमों की परीक्षा के दौरान मंगलवार को कक्ष संख्या-12 में एक छात्रा को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने नकल करते पकड़ लिया। चीफ प्रॉक्टर डॉ. इंदीवर सिंह ने बताया कि पकड़ी गई छात्रा बीकॉम की परीक्षा दे रही थी। उसके पास से दो गेस पेपर मिले हैं। संवाद