जल जीवन मिशन (हर घर जल योजना) तहसील के कई गांवों में अभी भी अधूरी है। किसी गांव में पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है, तो किसी गांव में जलापूर्ति के लिए बनाए जा रहे ओवरहेड टैंक का निर्माण अधर में लटका है।
आंवला तहसील के नूरपुर, आसपुर और मनौना गांवों में स्थिति सबसे खराब है। ग्रामीणों के मुताबिक, करोड़ों रुपये की परियोजना जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण प्रभावित हुई है। नूरपुर में चार साल पहले 261.55 लाख रुपये की लागत से टैंक का निर्माण शुरू हुआ था। ग्रामीण विनोद कुमार एडवोकेट, महेश कुमार, रामपाल और दादा ठाकुर ने बताया कि करीब सात माह पहले जांच के दौरान टैंक में दरार आ गई थी। इसके बाद ठेकेदार ने लिंटर तोड़ दिया और काम तब से रुका हुआ है।
आसपुर और राजपुर में 191.93 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य 2024 में शुरू हुआ, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। ओवरहेड टैंक का स्ट्रेचर तो बनकर तैयार किया जा चुका है, लेकिन इस पर टैंक नहीं रखा गया है। ग्राम प्रधान राजीव सिंह का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदी गई सड़कों को मिट्टी से पाटकर खानापूरी की है, जिससे गड्ढे हो गए हैं। लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बरसात में आवागमन में परेशानी बढ़ जाती है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों और सीएम पोर्टल पर की गई, कार्रवाई नहीं हुई।
मनौना ग्राम पंचायत में भी पिछले दो सालों से ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य आधा अधूरा पड़ा है। ठेकेदार ने बजट के अभाव को इसका कारण बताया। ग्रामीण अर्पित गोस्वामी और भुवनेश सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और निर्माणाधीन परिसर से कीमती केबल व अन्य उपकरण भी चोरी हो गए हैं।
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नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनसीसीएल) आंवला के परियोजना प्रबंधक शिवेंद्र सिंह वर्मा ने कहा, अभी सरदार नगर में लगे हैं। इस मामले पर कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।