ऐसे करें हेपेटाइटिस से बचाव
- साफ व स्टरलाइज्ड सिरिंज का प्रयोग करें।
- अपने रेजर, ब्रश व सुई को शेयर न करें।
- टैटू बनवाने और कान छेदवाने में सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करें।
- छोटी उम्र में ही हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाएं।
- डॉक्टर की राय से एंटीबॉडीज का इंजेक्शन ले सकते हैं।
- साफ पानी और भोजन का सेवन करें।
हेपेटाइटिस के लक्षण
अधिक थकान, भूख न लगना या कम लगना, अचानक वजन कम होना, जॉन्डिस या पीलिया, पेट दर्द व सूजन।
हेपेटाइटिस होने के कारण
हेपेटाइटिस ए खराब भोजन और दूषित पानी के सेवन से होता है। हेपेटाइटिस बी इंफेक्टेड ब्लड और दूसरे फ्लूइड के संपर्क में आने से होता है। हेपेटाइटिस सी संक्रमित इंजेक्शन के इस्तेमाल से हो सकता है। जो लोग पहले से एचबीवी वायरस के संक्रमित होते हैं, वह हेपेटाइटिस डी की चपेट में आ जाते हैं। विषाक्त पानी और भोजन के कारण हेपेटाइटिस ई हो सकता है।
70 प्रतिशत महिलाएं होती हैं शिकार
जिले में हेपेटाइटिस के 800 मरीज हैं। हर माह 40 नए मरीज सामने आते हैं। जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि हेपेटाइटिस की चपेट में 70 फीसदी महिलाएं आती है। इसका इलाज छह माह तक चलता है और नियमित दवा के सेवन से 80 फीसदी मरीज स्वस्थ हो जाते हैं। जिला अस्पताल में इसकी निशुल्क जांच व दवा दी जाती है।