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Bareilly News: शासन ने मांगी मौत के पुल की स्टेटस रिपोर्ट, 50 गांवों के एक लाख लोग हैं प्रभावित

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बरेली। शासन ने बदायूं की दातागंज व बरेली की फरीदपुर तहसील को जोड़ने वाले रामगंगा नदी के अधूरे पुल की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। इसी पुल से गिरकर बीते वर्ष 24 नवंबर को तीन लोगों की मौत हो गई थी। मौत के इस पुल का मामला फरीदपुर के विधायक ने विधानसभा में उठाया था। इसी पर शासन ने अब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा है।
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पुल बनने में हो रही देरी के चलते दोनों ओर के 50 गांवों की करीब एक लाख आबादी प्रभावित है। पुल पर आवागमन बंद हुए 17 माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से कराई गई जांच की अध्ययन रिपोर्ट सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आईआईटी की रिपोर्ट नहीं आती तब तक कुछ नहीं हो सकेगा।
अगर फरीदपुर से किसी को दातागंज जाना है तो उसे पहले शाहजहांपुर जिले के नवादा मोड़ और उसके बाद बेलाडांडी पुल से होते हुए करीब 15 किलोमीटर अधिक सफर करना पड़ता है। प्रभावित गांवों के लोगों के अनुसार फरीदपुर से रामगंगा पुल होकर दातागंज की दूरी 35 किलोमीटर है लेकिन पुल बंद होने से 50 किलोमीटर सफर करना पड़ रहा है। इसीलिए पुल की मांग बार-बार उठ रही है।
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ये है मामला
सितंबर 2023 की बाढ़ में अप्रोच रोड बह गई थी। रोड बहने के बाद भी पुल पर आवागमन रोकने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं कराई गई थी। इसलिए दातागंज की ओर से फरीदपुर आ रहे कार सवार तीन लोग रामगंगा नदी के पुल से नीचे गिर गए थे और तीनों की मौत हो गई थी। दातागंज के नायब तहसीलदार ने चार अभियंताओं के खिलाफ दातागंज थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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डेढ़ महीने बाद पहुंची जांच टीम...रिपोर्ट तीन महीने में भी नहीं आई
सितंबर 2023 की बाढ़ में पुल की अप्रोच रोड बह गई थी। इसके तत्काल बाद आईआईटी की टीम से स्टडी कराए जाने की जरूरत थी, लेकिन 14 महीने बीतने के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तब चेते जब 24 नवंबर 2024 को पुल से कार गिर गई। तीन मौतों का मामला गूंजा तो छह महीने तक शासन में अटके रहे आईआईटी को 29.5 लाख रुपये स्टडी फीस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। हादसे के करीब डेढ़ महीने बाद स्टडी फीस मिलने पर आईआईटी रुड़की की टीम ने पुल और नदी के बदलते प्रवाह के अतीत और वर्तमान का अध्ययन किया, लेकिन रिपोर्ट को तीन महीने बाद भी अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
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मैंने विधानसभा में नियम 51 के तहत पुल की अप्रोच रोड बनने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया था। अब प्रमुख सचिव से बातचीत की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सिर्फ अप्रोच रोड से काम नहीं चलेगा। पुल के लिए कुछ नए पिलर भी बनाने पड़ सकते हैं। इसलिए मैं लगातार इसका फॉलोअप कर रहा हूं।

डॉ. श्यामबिहारीलाल, विधायक फरीदपुर

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आईआईटी रुड़की के अभियंताओं की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। हर हफ्ते रुड़की बात हो रही है। जल्द रिपोर्ट देने की बात तो विशेषज्ञ समिति की ओर से कही जा रही है। रिपोर्ट आने पर ही अप्रोच रोड को लेकर कोई निर्णय हो सकेगा। इस विषय में मुख्यालय को भी अवगत कराया गया है।
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-केके सिंह, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग
ब्यूरो
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