अवैध निर्माणों को वैध बनाने के लिए शासन ने बदली शमन योजना
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शमन योजना 2010 को होल्ड पर डाला, नई योजना में शमन शुल्क भी 50 फीसदी तक घटाया
छह माह के लिए जारी की गई नई शमन योजना, सप्ताहभर में प्राधिकरणों को करना होगा अंगीकार
बरेली। शहरी विकास का कायदा - कानून तोड़कर बनाई गई इमारतें अब जायज हो जाएंगी। इसके लिए शासन ने नई शमन योजना 2020 जारी कर दी है। इसके तहत उन अवैध निर्माणों को भी शमन शुल्क लेकर वैध किया जा सकता है जो शमन नीति 2010 के तहत शमन की श्रेणी से दूर थे। पुरानी शमन योजना में ऐसे निर्माणों को तोड़े जाने का प्राविधान था। लेकिन अब ये अवैध निर्माण बुलडोजर तले आने से बच जाएंगे। शासन का तर्क है कि अवैध निर्माणों में निजी क्षेत्र का बड़ा पूंजी निवेश हो चुका है। ऐसे में इन्हें तोड़ना व्यवहारिक नहीं होगा। इससे लोगों को मानसिक पीड़ा होगी और इस कार्यवाही में प्राधिकरणों का भी समय व पैसा बर्बाद होगा।
शमन योजना 2020 को 21 जुलाई से प्रदेश के सभी प्राधिकरणों में लागू कर दिया जाएगा। प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को आदेश दिए गए हैं कि वह 21 जुलाई से पहले - पहले बोर्ड बैठक बुलाकर नई शमन योजना को अंगीकार कर लें। नई शमन योजना छह माह के लिए होगी। 20 जनवरी 2021 तक इसके तहत आने वाले आवेदनों को अगले तीन महीने तक निपटाया जा सकेगा। प्रमुख सचिव आवास ने अपने आदेश में कहा है कि इस अवधि में पुरानी शमन योजना 2010 निलंबित रहेगी। शमन योजना 2020 में शमन की दरों को भी पहले से 50 फीसदी तक कम कर दिया गया है। प्राधिकरणों में पहले से चले आ रहे अवैध निर्माणों के ऐसे वाद जिनमें अभी तक निर्णय नहीं हुआ है, उन्हें भी नई योजना के तहत की निस्तारित किया जाएगा। हर सप्ताह ऐसे वादों के निस्तारण की सूचना प्राधिकरणों को शासन को भेजनी होगी। नई शमन योजना लागू होने से ऐसे तमाम मामलों में भी कार्रवाई रुक जाएगी जिनके ध्वस्तीकरण के आदेश किए गए हैं। नई शमन योजना के तहत इन्हें शमन शुल्क वसूलकर वैध कर दिया जाएगा। हालांकि शासन ने साफ किया है कि ऐसे अवैध निर्माण जो किसी सरकारी भूमि पर किए गए हों या फिर किसी सरकार के किसी प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित भूमि पर किए गए हो, उन्हें इस योजना से बाहर रखा जाएगा।