बरेली। अधिकारियों की मिलीभगत से भू माफिया ने पब्लिक के चलने के लिए बनी 300 से ज्यादा चकरोडों पर ही कब्जा कर लिया। रिकार्ड से मिलान किया गया तो 300 से ज्यादा चकरोड ऐसी हैं जो कागजों में तो हैं लेकिन मौके पर गायब हैं। अधिकांश पर कोलोनाइजरों ने कब्जा करके उन्हें अपने प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया। कुछ पर अन्य लोगों के कब्जे हैं। राजस्व टीमों की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने इन्हें कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। चिन्हित चकरोडों को खाली कराने के बाद मनरेगा के तहत उन पर मिट्टी डलवाने का सिलसिला भी शुरू किया गया है। ताकि इन चकरोडों को वजूद में लाकर उन पर जल्द आवागमन शुरू किया जा सके।
एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने राजस्व अभिलेखों को खंगलवाया तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। सदर तहसील के शहर से सटे गांवों में 299 चकरोड ऐसे हैं, जो राजस्व रिकार्ड में तो दर्ज हैं लेकिन मौके पर बंद कर दिए गए हैं। चकरोडों पर अवैध कब्जे हो जाने से उनका नामोनिशान तक मिट चुका है। इसके अलावा 396 जमीन ऐसी मिली, जिनका पट्टे की मियाद पूरी हो गई थी लेकिन उन्हें वापस नहीं किया गया है और रिकार्ड में पट्टाधारक का ही नाम दर्ज चला आ रहा है। प्रशासन ने अभियान चलाकर इन चकरोडों की पैमाइश कराकर उन्हें चिन्हित करना शुरू कर दिया है। कब्जा की गई चकरोड सागलपुर, मझौआ गंगापुर, सफरी, खितौसा, नौगंवा घाटमपुर, भोजीपुरा, रायपुर, पट्टी बिहारीपुर, उड़ला जागीर, सारीपुर, नरियावल, पूरनापुर, कुआटांडज्ञ कुर्मियान, ऊगनपुर, म्यूड़ीखुर्द कला सहित दर्जनों गांवों में चिन्हित किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन चकरोडों को कब्जामुक्त कराने के साथ उन्हें रास्ते की शक्ल देने के लिए मनरेगा के माध्यम से मिट्टी का पटान कराया जा रहा है। इन चकरोडों पर आवागमन शुरू होने के बाद उन पर कब्जे की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।
करोड़ों की कीमत वाली 72 हजार वर्गमीटर की जमीन पर भी मिला कब्जा
प्रशासन ने रिकार्ड चेक कराए तो करोड़ों की कीमत वाली करीब 72 हजार वर्गमीटर भूमि पर कब्जा मिला था। इसमें नगर सीलिंग के साथ तालाब, चरागाह सहित दूसरी सरकारी जमीनों पर कब्जे मिले थे। अधिकारियों का कहना है कि अभियान चलाकर यह पूरी जमीन खाली करा ली गई है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
खतौनियों में ठीक कराए जा रहे भूस्वामियों के नाम
तहसील प्रशासन ने 638 ऐसी खतौनियों को चिन्हित किया था जिसमें भू स्वामियों के नाम में गड़बड़ी मिली थी। इससे लोगों को अपने स्वामित्व संबंधी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। इसे देखते हुए सदर तहसील प्रशासन खतौनियों को दुरुस्त कराते हुए उनकी गड़बड़ियों को भी ठीक कराने का अभियान चला रहा है।
प्रशासन ने चकरोडों को खाली करा लिया है। उन पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए मनरेगा के माध्यम से उन पर मिट्टी का पटान कराया जा रहा है। -ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर