बरेली। अक्सर 90 फीसदी फुल रहने वाली जिला अस्पताल की इमरजेंसी और महिला अस्पताल के बेड मंगलवार को 80 फीसदी खाली हो गए। वजह, होली घर पर मनाने के लिए मरीज और प्रसव के बाद भर्ती हुई प्रसूताओं की ओर से स्वैच्छिक डिस्चार्ज लेना रहा। कई लामा भी हुए।
मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने स्वास्थ्य सेवा और इमरजेंसी का जायजा लिया। दोपहर करीब दो बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी के ग्राउंड फ्लोर के मेल वार्ड में दो घायल भर्ती थे। वहीं, फीमेल वार्ड में चार मरीज रहीं। स्टाफ नर्स ने बताया कि 48 घंटे के अंदर 11 मरीजों ने स्वैच्छिक डिस्चार्ज लिया। उनसे लिखित प्रार्थना पत्र लिया गया।
चार मरीज लामा हुए यानी बगैर बताए वार्ड से निकलकर घर चले गए। दोपहर करीब ढाई बजे टीम महिला अस्पताल पहुंची। यहां एक प्रसूता जिनका बच्चा वार्मर में रखा थे वे और प्रसव के बाद एक प्रसूता भर्ती थीं।
पोस्टपार्टम लेबर वार्ड पूरा खाली था। दोपहर तक सिर्फ एक प्रसव हुआ था। मौजूद स्टाफ ने बताया कि चंद्र ग्रहण संबंधी मान्यता के चलते प्रसूता को लेकर परिजन सोमवार और मंगलवार दोपहर 12 बजे तक चले गए।
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घायल व्यक्ति के बेड के नीचे पड़ा था बायो मेडिकल वेस्ट
जिला अस्पताल के मेल वार्ड में मंगलवार सुबह 108 एंबुलेंस ने दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति को भर्ती कराया था। इसके प्राथमिक इलाज के बाद खून से सने कॉटन, पट्टी आदि बेड के नीचे फेंके हुए थे। मौजूद स्टाफ ने बताया कि मरीज की मरहम पट्टी के बाद बेड पर लिटाया गया था। करवट लेकर वह नीचे गिर पड़ा इसलिए फर्श पर खून आदि वेस्ट पड़ा है। ईएमओ ने वार्ड बॉय को सफाई के निर्देश दिए।