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Bareilly News: खटारा स्कूली बसों में हिचकोले खा रहा देश का भविष्य

Fri, 01 May 2026 01:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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देश का भविष्य यानी बच्चे खटारा स्कूल बसों में हिचकोले खा रहे हैं। जिले के स्कूल संचालकों की तरफ से मानक को दरकिनार कर अनफिट वाहनों से बच्चों को लाया व ले जाया जा रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 47 अनफिट स्कूली वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इनसे कभी भी नौनिहालों की जान को खतरा हो सकता है। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
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जिले में 12वीं तक के 196 विद्यालयों में 799 छोटे-बड़े स्कूली वाहन हैं। अब तक इनमें से 752 वाहनों की ब्योरा विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया गया है। 47 वाहनों ने फिटनेस का प्रमाण नहीं दिया। इन आकड़ों के अतिरिक्त सड़कों पर इससे अधिक वाहन संचालित हो रहे हैं। फिटनेस और सुरक्षा मानकों के बिना संचालित ये वाहन रोज नियमों को रौंद रहे हैं, जबकि जिम्मेदार आंखें मूंदे हुए हैं।
नियमानुसार, स्कूली वाहनों में जीपीएस, सीसी कैमरे, अग्निशमन यंत्र व निर्धारित सीटिंग व्यवस्था अनिवार्य है। पड़ताल के दौरान अधिकतर वाहनों में ये व्यवस्थाएं नदारद मिलीं। ई-रिक्शा, टेंपो आदि खुले वाहनों से छोटे बच्चों को ले जाया जा रहा था, जिनमें सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। इस मामले में जितने लापरवाह स्कूल संचालक हैं, उससे कहीं ज्यादा लापरवाह अभिभावक हैं। वह बच्चों को ऐसी प्राइवेट वैन व अवैध ऑटो में स्कूल भेज रहे हैं, जिनमें बच्चों का दम घुटता है।
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केस एक
कैंट स्थित बिशप सीनियर सेकेंड्री स्कूल के बाहर ऑटो, प्राइवेट वैन, ई-रिक्शा दिखाई दिए। एक प्राइवेट वैन में स्कूल के बच्चे ठसाठस भरे मिले। उसमें कोई अग्निशमन यंत्र व सीसी कैमरा नहीं लगा था। बड़ी बसों में भी क्षमता से अधिक विद्यार्थी भरे थे। एक चालक ने कहा कि जब अभिभावक कम रुपये देंगे तो छात्रों को इसी तरह भरकर ले जाएंगे।

केस दो
कैंट स्थित बिशप सीनियर सेक्शन स्कूल के बाहर भी वैन, खटारा ऑटो में छात्रों को लाया और ले जाया जा रहा था। यहां एक मिनी बस में कैमरा मिला, लेकिन वैन में न तो अग्निशमन यंत्र मिला, न ही अन्य इंतजाम। सीटें फटी मिलीं। बच्चों की संख्या क्षमता से अधिक रही।

केस तीन
कैंट स्थित सेंट मारिया गोरेटी इंटर कॉलेज के बाहर छात्र खचाखच भरे वाहनों से घर जाते देखे गए। यहां भी छात्रों को ई-रिक्शा, ऑटो से ले जाया जा रहा था। इन वाहनों में सुरक्षा के कोई इंतजाम भी नहीं दिखे। नैनीताल रोड स्थित जीआरएम स्कूल के बाहर भी छुट्टी के समय पर छात्रों को वैन में ठूंसकर ले जाया जा रहा था। कई ऑटो व ई-रिक्शा से भी विद्यार्थियों को ले जाया जा रहा था, जिनमें सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी।
वर्जन

जिन स्कूल संचालकों की तरफ से मानक को पूरा नहीं किया गया है, वह तत्काल सुधार करें अन्यथा अभियान में पकड़े जाने पर चालान करके जुर्माना लगाया जाएगा। - वैभव श्रोतिय, एआरटीओ प्रवर्तन
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