बरेली के आंवला से अजब मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की शाखा भमोरा से मृत किसान के नाम पर लोन दे दिया गया। इसकी जानकारी तब हुई, जब उनके परिजन खतौनी निकलवाने तहसील गए।
बरेली के आंवला में मौत के दो साल बाद किसान के नाम पर 60 हजार रुपये का ऋण निकाल लिया गया। मामले की जानकारी होने पर परिजनों की ओर से शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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बदायूं की तहसील बिसौली के गांव मुड़िया सतासी निवासी रामप्रसाद ने शिकायतीपत्र में बताया कि आंवला थाना क्षेत्र के गांव उसैता में उनकी पत्नी रामकली के नाम कृषि भूमि है। भाई रामपाल की मौत के बाद रामकली के नाम यह जमीन हस्तांतरित की गई थी। कुछ समय पहले जब वह खतौनी निकलवाने तहसील गए तो पता चला कि उक्त कृषि भूमि पर 60 हजार रुपये का ऋण उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की शाखा भमोरा से रामपाल के नाम पर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि रामपाल की मृत्यु अप्रैल 2017 में हुई थी जबकि ऋण 30 नवंबर 2019 को दिया गया। ऐसे में किसी की मौत के दो साल बाद भला ऋण कैसे स्वीकृत हो सकता है? उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की। मामले में शाखा प्रबंधक ने बताया कि अब तक उनके संज्ञान में यह प्रकरण नहीं आया है।