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दरगाह का खानदानी झगड़ा थाने तक पहुंचा

Tue, 20 Dec 2016 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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The family came to the police station shrine dispute - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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करीब एक महीने पहले हुई एक घटना को लेकर दरगाह आला हजरत का खानदानी विवाद एक बार फिर सतह पर आ गया है। अब तक मामला रामपुर की वक्फ ट्रिब्यूनल में चल रहा था लेकिन अब थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। सज्जदानशीन से जुड़े टीटीएस के एक कार्यकर्ता के घर पर रविवार की रात हुए हमले के आरोप में दूसरे पक्ष के एक आदमी को नामजद करते हुए चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चर्चा है कि सोमवार को भी दरगाह खानदान के दो लोगों में विवाद हुआ लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। खास बात ये कि पुलिस में दर्ज मुकदमे और दूसरे पक्ष की शिकायत में दरगाह के किसी खानदानी का नाम नहीं है। 
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  इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में आला हजरत के उर्स के दिन खानदान के कुछ लोगों के साथ धक्कामुक्की अब मुद्दा बना है जिसको लेकर दरगाह की जुड़ी संस्था टीटीएस (तहरीके तहफ्फुजे सुन्नियत) के एक कार्यकर्ता के घर रविवार रात एक पक्ष के लोग पहुंच गए थे।  पुलिस का कहना है कि एक पक्ष की ओर से तहरीर दे दी गई है जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि तहरीर उन्होंने भी दी है, लेकिन अभी मुकदमा नहीं लिखा है।
26 नवंबर को इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में आला हजरत का कुल शरीफ था। इस दौरान वीआईपी गैलरी से मंच पर जाते वक्त आला हरजत खानदान के कुछ लोगों से रास्ते में खड़े टीटीएस युवकों ने धक्कामुक्की कर दी थी। सज्जादानशीन टीटीएस के अध्यक्ष हैं। इस धक्कामुक्की के कारण खानदान से जुड़े इन खास लोगों को भीड़ से होकर मंच तक पहुंचना पड़ा था। टीटीएस के नावेद नाम के  युवक पर अपनी टीम के साथ धक्कामुक्की करने का आरोप  है। नावेद का कहना है कि रविवार को आधी रात को मौलाना तसलीम मियां और शोबी समेत कुछ लोग उनके घर पहुंचे। दरवाजा नहीं खुला तो शोबी और उनके साथी ताला तोड़कर  घर में घुस आए। उनके भाई नाजिम के साथ बदतमीजी और तोड़फोड़ की । नावेद के अनुसार वह छत पर सोए थे। शोबी और उनके साथियों का रुख देकर वह पीछे से दूसरे के घर में जाकर छिप गए। परिवार की महिलाओं ने हंगामे का विरोध किया तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। इसके बाद सभी लोग वहां से चले गए। देर रात को नावेद के घर तमाम लोग इकट्ठा हो गए। बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। नावेद जिस मकान में किराए पर रहते हैं, वह जमात-रजा मुस्तफा के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी का है। ये भी लंबे समय तक सज्जानशीन से जुड़े रहे थे और सुब्हानी मियां के करीबियों में शुमार रहे हैं। 
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 नावेद ने अपने साथियों को घटना की जानकारी देकर शोबी और तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाने को किला थाने में तहरीर दे दी। जबकि दूसरे पक्ष की पैरवी कर रहे नबीरे आला हजरत तसलीम मियां का कहना है कि शोबी और उनके साथ भी नावेद के परिवार के लोगों ने बदसलूकी की है। उन्हें धमकी दी गई है। इस संबंध में शोबी की तरफ से भी नावेद और उनके भाइयों के खिलाफ तहरीर दी गई। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने पुष्टि की मामले में नावेद की तरफ से तहरीर मिल गई है है जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसपी सिटी को इस मामले में नि,्पक्ष जांच के लिए कहा गया है। दूसरी तरफ से कोई तहरीर आने की जानकारी नहीं है। 


कुलशरीफ के दिन साजिशन हमें मंच पर जाने से रोकने की कोशिश की गई थी। छानबीन में मालूम हुआ कि  रोकने को धक्कामुक्की करने वाले युवक का नाम नावेद रजा है। नावेद टीटीएस से जुड़े हैं।  दरगाह के सज्जादानशीन से उनका करीबी संबंध हैं।  सुब्हानी मियां को छोड़कर पूरा खानदान एक तरफ है। सज्जादानशीन की गद्दी को लेकर  विवाद चल रहा है, इसीलिए  बदसलूकी कराई गई। खानदान के मसले में किसी बाहरी व्यक्ति का दखल मंजूर नहीं होगा।
- मौलाना तसलीम रजा खां, नवीर-ए-आला हजरत
 
कुल शरीफ के दिन मेरी ड्यूटी मंच के पास वीआईपी गेलरी में लगाई गई थी। कहा यह गया था कि कोई भी बिना पास के ऊपर नहीं आना चाहिए। उन्होंने और उनके साथियों ने ऐसा ही कहा। हो सकता है तसलीम मियां और खानदान के अन्य लोगों को भी हमने रोक दिया हो, लेकिन इसमें हमारी क्या गलती है। शोबी अपने तीन साथियों को लेकरघर पहुंच गए। शोबी के हाथ में तमंचा था। मैं सिर्फ हजरत अहसन मियां को जानता हूं। बाकी किसी से मेरा-कोई लेना-देना नहीं है।
- नावेद रजा खां, टीटीएस कार्यकर्ता   

कयादत और कुर्सी को लेकर बढ़ा झगड़ा 
बरेली। आला हजरत खानदान में गद्दी का विवाद काफी पहले से चल रहा है। मामला रामपुर के वक्फ ट्रिब्यूनल में चल रहा है। दूसरा पक्ष हाईकोर्ट  पहुंचा तो उन्हें भी ट्रिब्यूनल में जाने को कहा गया। इस्लामिया इंटर कालेज मैदान पर उर्स के कुल शरीफ के दिन  दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां और सज्जादा नशीन मौलाना अहसन रजा खां के अलावा मंच पर खानदान का कोई सदस्य मौजूद नहीं था । माना जा रहा है कि विवाद की वजह से उन्हें बुलाया नहीं गया था। कुल की रस्म से ठीक पहले खानदान के कुछ लोग वीआईपी गेट से दाखिल हुए। इनमें  सुब्हानी मियां के छोटे भाई मौलाना तस्लीम रजा खां, भतीजे अरसलान रजा खां भी शामिल थे। अचानक टीटीएस के कार्यकर्ताओं ने पास न होने पर उन्हें रोक दिया। इस पर खानदान के लोग उन्हें धकेल कर आगे बढ़े और भीड़ में से गुजर कर मंच तक पहुंच गए। 
मंच पर सुब्हानी मियां के छोटे भाई अंजुम मियां के बेटे अरसलान रजा खां सीधे माइक तक पहुंचे उन्होंने कहा कि आला हजरत के बाद मुफ्ती आजम हिंद ने कयादत की, अब अजहरी मियां हैं जिनकी कयादत हमें माननी चाहिए। इस पर सुब्हानी मियां के साले राशिद अली खां ने माइक छीन कर कहा कि सुब्हानी मियां के होते हुए ऐसा कोई नहीं बोल सकता। इस बीच मामला बिगड़ता देख मारहरा शरीफ के सज्जादानशीन सैय्यद नजीब मियां ने घर के झगड़े को मंच पर न लाने की नसीहत देते हुए कहा था कि इस तरह के मामले मारहरा शरीफ में लाएं अगर मानें तो वही आपकी सुप्रीम कोर्ट है। इस पर सभी पक्ष शांत हो गए और बात बढ़ने से रुक गई थी।  
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