वीआईपी ड्यूटी के लिए 17 जाट रेजिमेंट से बताया अधिकृत
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फर्जी दरोगा को जेल भेजने के बाद जांच में जुटी पुलिस
बरेली। फर्जी दरोगा लाखन सिंह ने चोरी की कार को बेरोकटोक सड़क पर दौड़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय का फर्जी पास बना रखा था, इसे 17 जाट रेजीमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल की फर्जी मुहर लगाकर खुद अधिकृत कर लिया था। उसने पुलिस को बताया कि फर्जी मुहर उसने कचहरी के पास एक दुकान से बनवाई थी। अब पुलिस मुहर बनाने वाले को तलाश रही है।
बिथरी चैनपुर पुलिस ने मंगलवार को सनराइज कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त फौजी लाखन सिंह को गिरफ्तार किया था। वह 19 जून की शाम सादा कपड़ों में डोहरा रोड पर नीली बत्ती लगी कार लेकर मास्क चेकिंग के नाम पर लोगों से वसूली कर रहा था। उसने ढाबा मालिक मटरू और खोखा चलाने वाले रमेश से पांच-पांच सौ रुपये वसूल लिए तो ट्रैफिक पुलिस के होमगार्ड राजीव मौर्य वहां पहुंच गए। बातचीत के दौरान होमगार्ड को शक हुआ तो उन्होंने बिथरी पुलिस से शिकायत कर दी। तब पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस ने लाखन सिंह के कब्जे से नोएडा से चोरी ब्रीजा कार और पिस्टल भी बरामद की। कार में सेना का एक अथॉरिटी लेटर भी बरामद हुआ था। बृहस्पतिवार को जांच में सामने आया कि यह अथॉरिटी लेटर रक्षा मंत्रालय के नाम पर बना था, जिसमें लिखा था कि यह कार सेना की 17 जाट यूनिट से वीआईपी और सेना ड्यूटी के लिए 05 जनवरी 2021 से 04 जनवरी 2022 तक संबद्ध है। इसे अधिकृत करने के लिए 17 जाट रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल की फर्जी मुहर लगाकर हस्ताक्षर किए गए थे। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि फर्जी अथॉरिटी लेटर उसने खुद ही तैयार किया था और कचहरी के पास एक दुकान से फर्जी मुहर बनवाकर उस पर लगा ली थी। मुहर बनाने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है।