बरेली। नैक ए डबल प्लस ग्रेड प्राप्त रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अधिकारी बीएससी के दिव्यांग छात्र अदनान की स्थायी केंद्र बनाने की मांग एक माह में पूरी नहीं कर पाए हैं। चलने-फिरने में अक्षम छात्र का परीक्षा केंद्र 20 किलोमीटर दूर है। कई बार घर से 70 किलोमीटर दूर विश्वविद्यालय तक आने के बाद भी अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
पीलीभीत के न्यूरिया निवासी अदनान अमीर पास के गांव बिथरा स्थित स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन में बीएससी पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। वह चलने-फिरने और लिखने में असमर्थ हैं। विवि ने उनके कॉलेज से परीक्षा केंद्र 20 किलोमीटर दूर बनाया है।
चार नवंबर को अदनान ने विवि जाकर परीक्षा नियंत्रक से स्थायी परीक्षा केंद्र व श्रुति लेखक (सहयोगी) प्रदान करने की मांग की। यहां समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।
अदनान ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में कार्यरत देवेंद्र कुमार से मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो समाधान के लिए दोबारा कार्यालय आने के लिए कहा गया। अदनान ने दिव्यांगता के कारण सफर करने में तकलीफ की बात कही। कोई मदद न मिलती देख मंगलवार को वह किराये पर टैक्सी लेकर रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचे।
अपनी व्हीलचेयर से प्रशासनिक भवन तक गए। यहां रैंप की सुविधा न होने की वजह से परिजनों ने उन्हें जैसे-तैसे सीढ़ियों के जरिये कार्यालय तक पहुंचाया। आनाकानी कर रहे जिम्मेदारों ने करीब आधे घंटे बाद शिकायतीपत्र लिया। (संवाद)
राज्य स्तरीय खिलाड़ी रहे हैं अदनान
अदनान राज्य स्तरीय शतरंज खिलाड़ी रहे हैं। इसके साथ ही गांधी स्टेडियम पीलीभीत की ओर से खेलते हुए मंडलीय स्वीमिंग मुकाबले में स्वर्ण पदक भी हासिल कर चुके हैं। अदनान ने बताया कि वर्ष 2016 में वह घर के नजदीक स्वीमिंग पूल में नहाने गए थे।, यहां पानी कम था, डाइव लगाने पर उनका सिर फर्श से टकरा गया। इससे रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। इलाज के बाद भी सुधार नहीं हुआ।
विद्यार्थी हित विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। छात्र की समस्या का समाधान कराया जाएगा।- प्रो. आलोक श्रीवास्तव, कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक
हिमांशु अग्निहोत्री