प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट निकली आग लगने की वजह, शुरू हुई जांच
बरेली। स्टेशन रोड पर लोटस अपार्टमेंट में तीसरी मंजिल के जिस फ्लैट में आग लगी थी, वहां रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। फ्लैट में एलपीजी के दो सिलिंडर भी रखे थे, गनीमत रही कि उनमें आग नहीं लगी वरना बड़ा हादसा हो सकता था। अग्निशमन विभाग की जांच में प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है, फिलहाल जांच अभी जारी है।
सोमवार रात करीब 12 बजे स्टेशन रोड पर लोटस अपार्टमेंट में तीसरी मंजिल पर स्थित महेश कनौजिया के फ्लैट में आग लग गई थी। अग्निशमन विभाग की टीम ने करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। मंगलवार को फ्लैट में तपिश कम हुई तो उन लोगों ने फ्लैट की हालत देखी, आग से वहां के तीनों कमरों में रखा सामान जलकर खाक हो गया। टीवी और एसी जैसे उपकरण पिघल गए। गनीमत रही कि वहां रखे एलपीजी के दो सिलिंडर में आग नहीं लगी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। महेश ने बताया परिवार में पत्नी मंजू और दो बच्चे इशिता व प्रणव हैं। घटना के समय वे लोग एक ही कमरे थे। जब घर में धुआं भरने लगा और गर्मी बढ़ी तो उन्हें आग लगने का अहसास हुआ। आग दीवार के अंदर बिजली की फिटिंग में शॉर्टसर्किट होने से लगी।
पूरे अपार्टमेंट में बदबू, तीसरी मंजिल हुई खाली
सोमवार रात हुए हादसे के चलते दूसरे दिन भी पूरे अपार्टमेंट में सामान जलने की बदबू फैली हुई थी। महेश कनौजिया ने बताया उनके फ्लोर को छोड़कर मंगलवार दोपहर अन्य फ्लोर की बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई है। उनके फ्लोर पर चार फ्लैट हैं, उनमें से दो लोग अभी बाहर हैं, बाकी लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं।
तंग गलियों में अपार्टमेंट, आग बुझाने के इंतजाम सिर्फ दिखावा
बरेली। आबादी बढ़ने के साथ ही शहर में अपार्टमेंट और बहुमंजिला इमारतों का चलन बढ़ा है। अग्निशमन के इंतजाम निर्माण के मानक में शामिल होने के चलते अधिकांश अपार्टमेंट में आग बुझाने के इंतजाम भी किए गए हैं। मगर थोड़ी सी बड़ी आग में ये इंतजाम फेल हो जाते हैं। ऐसा ही लोटस अपार्टमेंट में भी हुआ। यहां आग बुझाने के लिए पूरे परिसर में जगह-जगह अग्निशमन उपकरण और पानी की हौज रील भी लगी है। सोमवार रात लोगों ने इनके जरिये भी आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन आग बड़ी होने के चलते सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
छोटे अपार्टमेंट, बड़ी मुसीबत
सिविल लाइंस क्षेत्र में मुख्य डाकघर के पीछे, डीएम आवास के सामने, स्टेशन रोड और अक्षर विहार के आसपास 15-20 फ्लैट वाले तीन-चार मंजिला छोटे-छोटे अपार्टमेंट बने हैं। इनमें से अधिकतर ऐेसी गलियों में बने हैं, जहां फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी का पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में यहां आग लगने पर फायर बिग्रेड को वहां तक पहुंचने के लिए ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है।
शहर के इन इलाकों में हैं ज्यादा अपार्टमेंट
सिविल लाइंस में स्टेशन रोड, पुराना रोडवेज, हार्टमन क्रॉसिंग के पास, पीलीभीत बाईपास, डोहरा रोड, बीसलपुर रोड, बदायूं रोड पर करगैना में, डेलापीर रोड, आईवीआरआई रोड आदि।
लोगों को आग बुझाने की ट्रेनिंग भी नहीं
आग पर काबू पाने के लिए लोगों को इसकी ट्रेनिंग होनी भी जरूरी है। मगर अधिकांश जगह यह देखने में आता है कि आग बुझाने के इंतजाम होने के बावजूद लोग जानकारी के अभाव में उनका इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे में कई बार छोटी आग भी समय पर काबू न होने के चलते विकराल हो जाती है।
लोटस अपार्टमेंट के फ्लैट में प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट ही सामने आया है। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है, एक-दो दिन में सब स्पष्ट हो जाएगा। अपार्टमेंट की फाइल भी निकलवाई गई है कि निर्माण के दौरान एनओसी की प्रक्रिया पूरी की गई है या नहीं। इसके बाद अपार्टमेंट में भी आग बुझाने के इंतजामों की समीक्षा होगी।- सीएम शर्मा, सीएफओ