सेटेलाइट से बैरियर दो तक 7.4 किमी लंबी सड़क को आठ लेन करने के साथ ही बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) इसे मॉडल रोड के रूप में विकसित करेगा। यह सड़क क्रॉस ड्रेनेज सिस्टम, जियोमेट्रिक डिजाइन जैसी अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी। अगले 30 दिनों में इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली जाएगी। इसमें सड़क की डिजाइन, मजबूती और ड्रेनेज सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सड़क निर्माण से पहले विस्तृत तकनीकी सर्वे में मौजूदा संरचनाओं, यूटिलिटी लाइनों और भूमि की स्थिति का आकलन कर सटीक बेस मैप और लेआउट तैयार होगा। हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन से क्षेत्र में वर्षा और जल प्रवाह का विश्लेषण कर जलभराव से निपटने की योजना बनेगी। क्रॉस ड्रेनेज सिस्टम से पानी की सुचारु निकासी सुनिश्चित होगी। जियोमेट्रिक डिजाइन से सड़क का आकार, मोड़, जंक्शन और सर्विस रोड की संरचना तय की जाएगी। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए ने बताया कि यह परियोजना शहर के यातायात ढांचे को आधुनिक और सुगम बनाएगी।
जियोमेट्रिक और ट्रैफिक आधारित होगी डिजाइन
जियोमेट्रिक डिजाइन के माध्यम से सड़क का लेआउट, मोड़ और जंक्शन तय किए जाएंगे। सर्विस रोड की संरचना भी तकनीकी मानकों के अनुसार होगी। यातायात के दबाव के मुताबिक सड़क की मजबूती का आकलन होगा, ताकि यह भविष्य के यातायात भार को वहन कर सके।